
गंगालूर-मितलूर सड़क निर्माण घोटाला: PWD के 5 इंजीनियर गिरफ्तार, पत्रकार हत्या जांच से खुला मामला
बीजापुर, छत्तीसगढ़ | बहुचर्चित गंगालूर-मितलूर सड़क निर्माण परियोजना में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितता का मामला सामने आया है। बीजापुर पुलिस ने इस मामले में PWD के दो रिटायर्ड कार्यपालन अभियंता डी.आर. साहू और वी.के. चौहान, तत्कालीन EE एच.एन. पात्र, SDO प्रमोद सिंह कंवर और जगदलपुर के सब इंजीनियर संतोष दास को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने यह कार्रवाई पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद शुरू हुई जांच के तहत की है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ था।
बीजापुर एसएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया, “जांच के दौरान ठोस प्रमाण मिले हैं कि सड़क निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ियाँ हुई हैं। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ, बल्कि इससे जुड़े कई गंभीर पहलुओं का भी खुलासा हुआ है।”

सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए आवंटित बजट का दुरुपयोग कर सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था और कई स्तरों पर फर्जी बिल और भुगतान किए गए थे। मामले की तह तक पहुंचने के लिए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और अन्य एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है।

बता दें कि पुलिस पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पत्रकार की हत्या के मामले में एसआईटी जांच कर रही है। हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद सड़क की गड़बड़ी की जांच की जा रही थी। जांच में विभागीय अफसरों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर, जो सड़क निर्माण और संबंधित भ्रष्टाचार पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे, की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। अब यह गिरफ्तारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फिलहाल सभी आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं, और आगे की पूछताछ जारी है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं और जांच व्यापक स्तर पर जारी रहेगी।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
