बिलाड़ी मिडिल स्कूल मे सनसनीखेज खुलासा: महिला प्रसाधन (बाथरूम) मे मिला चालू विडियो रिकॉर्डिंग मोबाइल फोन

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प्रधानाचार्य भूपेन्द्र साहू के द्वारा शर्मनाक कृत्य

प्रधानाचार्य भूपेन्द्र साहू को बर्खास्त एवं निलम्बित करने की मांग

बिलाड़ी मिडिल स्कूल में शर्मनाक खुलासा: प्रधान अध्यापक ने बाथरूम में रखा चालू मोबाइल, वीडियो रिकॉर्डिंग की मंशा उजागर

रायपुर, छत्तीसगढ़ | तिल्दा नेवरा | 30 जून 2025

Ttcgnews संवाददाता अनिल कुमार भट्ट तिल्दा नेवरा

रायपुर जिले के ग्राम बिलाड़ी स्थित मिडिल स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल के बाथरूम में एक विडियो रिकार्डिंग चालू मोबाइल फोन मिलने के बाद छात्रों और शिक्षकों में भारी आक्रोश फैल गया है। मोबाइल की रिकॉर्डिंग गतिविधियों की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि यह हरकत स्कूल के प्रधान अध्यापक भूपेंद्र कुमार साहू द्वारा की गई थी।

क्या है मामला?

बाथरूम में एक महिला स्टाफ को मोबाइल फोन संदिग्ध स्थिति में चालू हालत में मिला। शक होने पर उन्होंने अन्य स्टाफ को सूचना दी। मोबाइल को जब्त कर परिजनों को बताया गया और बाद में पूरे मामले को लेकर तिल्दा थाने में FIR दर्ज कराई गई।

जानकारी के मुताबिक, जब प्रधान अध्यापक भूपेंद्र कुमार साहू से पूछताछ की गई, तो उन्होंने यह स्वीकार किया कि मोबाइल उन्हीं का है और उन्होंने जानबूझकर उसे विडियो रिकार्डिग कर चालू हालत में बाथरूम में रखा था। उन्होंने यह भी बताया कि वे वीडियो को एक मोबाइल से दूसरे अपने प्राइवेट मोबाइल में और फिर लैपटॉप में ट्रांसफर कर देखा करता था,

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विद्यालय में आक्रोश का माहौल

घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय स्टाफ और स्थानीय अभिभावकों में रोष व्याप्त हो गया। शिक्षकों और छात्रों ने एक स्वर में मांग की है कि आरोपी शिक्षक को तत्काल स्कूल और पद दोनों से बर्खास्त किया जाए। स्कूल की जनभागीदारी समिति और शिक्षा विभाग को भी इस मामले से अवगत कराया गया है।

यह सिर्फ अपराध नहीं, बच्चों की सुरक्षा पर हमला है

इस घिनौनी हरकत ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यह घटना न सिर्फ कानूनी तौर पर अपराध है, बल्कि नैतिकता और शिक्षक धर्म की भी पूरी तरह अवहेलना है।

शिक्षा विभाग और पुलिस पर उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले में अब शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या स्कूलों में कोई निगरानी तंत्र है? क्या ऐसे व्यक्तियों की नियुक्ति में पर्याप्त जांच की जाती है? क्या बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई सक्रिय तंत्र मौजूद है?

जनता और समाज की मांग

स्थानीय लोगों की यह मांग है कि:

आरोपी शिक्षक को तत्काल निलंबित और बर्खास्त किया जाए।

डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर मोबाइल की पूरी सामग्री खंगाली जाए।

POSCO एक्ट और IT एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो, इसके लिए सभी सरकारी स्कूलों में सुरक्षा नीति लागू की जाए।





यह मामला इस बात का प्रमाण है कि सिर्फ शिक्षा ही नहीं, शिक्षक का चरित्र भी महत्वपूर्ण है। अब जरूरत है कड़े कदम उठाने की – ताकि स्कूल बच्चों के लिए एक बार फिर सुरक्षित जगह बन सकें।

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