
बिलासपुर: सीवी रमन यूनिवर्सिटी का छात्र लापता, कमरे से 40 लाख से अधिक के लेन-देन का हिसाब मिला, ऑनलाइन बेटिंग एंगल की जांच
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र से एक 19 वर्षीय छात्र के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने गुम इंसान प्रकरण दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में छात्र के कमरे से मिले दस्तावेजों और नोटबुक ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें लाखों रुपये के लेन-देन और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिले हैं।
छात्रावास से अचानक लापता हुआ छात्र
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रोहित कुमार (19 वर्ष), पिता अमरेन्द्र कुमार, मूल रूप से गया जिले के महावीर कॉलोनी संगम चौक का निवासी है। वह सी वी रमन यूनिवर्सिटी के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
बताया गया है कि 6 मार्च 2026 को शाम करीब 4 बजे के बाद से रोहित छात्रावास से लापता है। छात्रावास प्रभारी की शिकायत पर 7 मार्च को कोटा थाना में गुम इंसान प्रकरण क्रमांक 29/2026 दर्ज किया गया और उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
कमरे से मोबाइल और बेटिंग से जुड़े नोट्स बरामद
पुलिस जांच के दौरान छात्र के कमरे की तलाशी ली गई, जिसमें कई अहम सुराग मिले। कमरे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें सिम कार्ड नहीं था। इसके अलावा एक कागज पर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से संबंधित नियम लिखे हुए पाए गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक नोटबुक में लगभग 40 लाख 77 हजार 400 रुपये के लेन-देन का विस्तृत हिसाब दर्ज मिला है। इससे आशंका जताई जा रही है कि छात्र किसी बड़े ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क या वित्तीय लेन-देन में शामिल हो सकता है।
मां को भेजा गया संदेश भी नहीं हुआ डिलीवर
पुलिस के अनुसार रोहित के मोबाइल से उसकी मां को एक मैसेज भेजा गया था, जिसमें उसने अपनी मर्जी से कहीं जाने की बात लिखी थी। हालांकि तकनीकी जांच में यह सामने आया कि वह मैसेज डिलीवर नहीं हो पाया था।
इस कारण यह भी जांच का विषय बन गया है कि वह संदेश कब और किस परिस्थिति में भेजा गया था।
ऑनलाइन गेमिंग और पैसों के लेन-देन के संकेत
पुलिस ने छात्रावास में रहने वाले छात्रों, उसके दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि रोहित ऑनलाइन गेमिंग में काफी सक्रिय था और कई लोगों के साथ पैसों का लेन-देन करता था।
घटना वाले दिन उसने अपने कुछ साथियों से कैश में पैसे भी मांगे थे और कहा था कि वह तुरंत यूपीआई के माध्यम से पैसे वापस कर देगा। इस आधार पर पुलिस अब ऑनलाइन बेटिंग और वित्तीय लेन-देन के एंगल से भी जांच कर रही है।
बैंक ट्रांजेक्शन में 7 लाख रुपये का लेन-देन
पुलिस द्वारा बैंक खातों की जांच में करीब 7 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। इन ट्रांजेक्शनों में कई लोगों और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से पैसे लेने-देने के रिकॉर्ड मिले हैं।
मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू कर दिया है।
सीसीटीवी फुटेज और डॉग स्क्वाड की मदद
छात्र की तलाश के लिए पुलिस ने कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। इनमें यूनिवर्सिटी गेट, मोबाइल नाका चौक, खत्री इंटरप्राइजेस, स्कूल, यूको बैंक एटीएम, पेट्रोल पंप और आसपास के अन्य स्थान शामिल हैं।
इसके अलावा डॉग स्क्वाड की मदद से छात्रावास से लेकर कोटा रेलवे स्टेशन तक खोजबीन की गई है। पुलिस ने गुमशुदा छात्र की जानकारी अन्य जिलों की पुलिस को भी भेजी है ताकि उसकी तलाश तेज की जा सके।
विश्वविद्यालय प्रबंधन को भी नोटिस
इस मामले में पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार रोहित के भाई-बहनों को पहले से इस बात की जानकारी थी कि वह ऑनलाइन बेटिंग में पैसे लगा रहा था और उसमें काफी रकम हार चुका था।
छात्रावास प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के छात्रावास प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कई लोग यह पूछ रहे हैं कि छात्रावास में इतने बड़े स्तर पर पैसों का लेन-देन और ऑनलाइन बेटिंग जैसी गतिविधियां कैसे चल रही थीं और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
इसके अलावा यह सवाल भी उठ रहा है कि छात्र के लापता होने के बाद परिवार को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई और क्या पुलिस को जानकारी देने में भी किसी प्रकार की देरी हुई।
बाहरी जांच की उठ रही मांग
स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच चर्चा है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन हमेशा परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भरोसा दिलाता रहा है। लेकिन इस घटना के बाद अब कई लोग विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों, छात्रावास प्रबंधन और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र बाहरी जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से मांगी मदद
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और परिवार को भी हर पहलू की जानकारी दी जा रही है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी को रोहित कुमार के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत थाना कोटा, जिला बिलासपुर पुलिस को सूचित करें।
फिलहाल पुलिस छात्र के लापता होने के पीछे के सभी संभावित पहलुओं—ऑनलाइन बेटिंग, आर्थिक लेन-देन और व्यक्तिगत परिस्थितियों—की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के बाद इस रहस्यमय मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
