
बिलासपुर। विष्णु देव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का विधिवत शुभारंभ किया।
इस योजना के पहले चरण में प्रदेश के 11 जिलों में कुल 29 गौधाम शुरू किए गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम जोगीपुर में राज्य के पहले गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और पशुपालक उपस्थित रहे।

बेसहारा गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश संरक्षण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। गौधाम योजना के माध्यम से प्रदेश में घूमने वाले बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। इससे एक ओर जहां गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और पशुपालन को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के लाखासार, ओखर, जैतपुर और हरदीकला में भी गौधाम स्थापित किए गए हैं, जहां स्थानीय स्तर पर गौवंश की देखभाल, चारे की व्यवस्था और पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जोगीपुर में बनेगा प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कोटा विकासखंड के ग्राम जोगीपुर में राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य विकसित किया जाएगा। यह अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसके निर्माण के लिए प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके पूर्ण होने के बाद यहां एक साथ करीब 2500 गौवंश को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह अभ्यारण्य केवल गौवंश के संरक्षण का केंद्र ही नहीं होगा, बल्कि यहां पशुपालन से जुड़े विभिन्न नवाचारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। कई जिलों में गाय वितरण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों को पशुपालन के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

“सुरभि गौधाम” नाम से जाने जाएंगे गौधाम
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन गौधामों में पशुपालन के साथ-साथ हरा चारा उत्पादन, गोबर से जैविक खाद, गोबर पेंट और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य इन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, विशेषर पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और पशुपालक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गौधाम और गौ अभ्यारण्य की स्थापना से प्रदेश में गोधन संरक्षण, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण रोजगार को नई दिशा मिलेगी।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
