
तिल्दा-नेवरा में डॉ. खूबचंद बघेल की मूर्ति से तोड़फोड़, क्षेत्र में आक्रोश; 20 तारीख को आंदोलन की चेतावनी
तिल्दा-नेवरा। नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा में छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक और छत्तीसगढ़ी अस्मिता के पुरोधा डॉ. खूबचंद बघेल की मूर्ति और चौक को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों और छत्तीसगढ़िया समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात किसी समय अज्ञात तत्वों ने चौक पर स्थापित डॉ. खूबचंद बघेल की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। सुबह जब लोगों ने प्रतिमा की स्थिति देखी तो घटना की जानकारी तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
संगठनों ने जताया कड़ा विरोध
इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया है। संगठनों के नेताओं का कहना है कि प्रदेश में लगातार छत्तीसगढ़ के पुरखों, स्वतंत्रता सेनानियों और सांस्कृतिक प्रतीकों की अनदेखी की जा रही है।
पदाधिकारियों ने कहा कि इससे पहले भी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया था। उस मामले में आंदोलन करने के कारण जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को गिरफ्तार किया गया था और वे आज भी जेल में हैं।
इसके साथ ही डॉ. अजय यादव (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना) और दिनेश वर्मा (केंद्रीय सदस्य, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी) भी इसी मामले में जेल में बंद बताए जा रहे हैं।
20 तारीख को आंदोलन की चेतावनी”
संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो 20 तारीख को पुरखों के सम्मान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन लगातार छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और महान व्यक्तित्वों की उपेक्षा कर रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन को सौंपा गया आवेदन
घटना के विरोध में संगठनों और स्थानीय लोगों ने तिल्दा थाना, तहसील कार्यालय, नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा तथा एसडीएम कार्यालय में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त मूर्ति की तत्काल मरम्मत कर सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित करने की भी मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ी अस्मिता के प्रतीक थे डॉ. खूबचंद बघेल
गौरतलब है कि डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और राजनेता थे। उनका जन्म 19 जुलाई 1900 को पथरी गांव में हुआ था और 22 फरवरी 1969 को उनका निधन हुआ।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और अधिकारों के संरक्षण के लिए जीवनभर संघर्ष किया। छत्तीसगढ़ राज्य की अवधारणा को प्रारंभिक दौर में सामने रखने वाले प्रमुख नेताओं में भी उनका नाम शामिल है। उन्होंने ग्रामीण समाज, किसानों और गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
यही कारण है कि आज भी छत्तीसगढ़ में उन्हें छत्तीसगढ़ी अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।
घटना के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
