छत्तीसगढ़ की अस्मिता के सवाल पर सड़कों पर उतरे लोग: मोजो मशरूम कंपनी और उमा श्री राइस मिल पर कार्यवाही की उठी मांग

Image Editor Output Image794181883 17580369028784636233011000193748 774x1024



छत्तीसगढ़ की अस्मिता के सवाल पर सड़कों पर उतरे लोग: मोजो मशरूम और उमा श्री राइस मिल पर कार्रवाही की उठी मांग

📍 स्थान: खरोरा, जिला रायपुर | 🗓 तारीख: 16 सितंबर 2025
✍ रिपोर्टिंग: अनिल कुमार भट्ट, तिल्दा टाइम्स CG न्यूज़




बरसते पानी में भी नहीं रुका जनसैलाब, खरोरा में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का उग्र प्रदर्शन

रायपुर ज़िले के खरोरा खड़ क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक जनआंदोलन देखने को मिला। लगातार हो रही बारिश के बावजूद, छत्तीसगढ़िया अस्मिता, गौ माता की रक्षा, और कथित शोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। लोगों ने मोजो मशरूम कंपनी और उमा श्री राइस मिल पर गंभीर आरोप लगाए और इन संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की माँग की।




प्रदर्शन बना जनआक्रोश का रूप, उमड़ा जनसैलाब

प्रदर्शन स्थल पर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए। हाथों में तख्तियां, नारों से गूंजती आवाजें, और जलती हुई आंखों में न्याय की मांग — यह दृश्य अब तक के सबसे बड़े स्थानीय विरोध प्रदर्शनों में से एक बन गया।

> “यह आंदोलन अब सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनज्वार बन चुका है,” — यह कहना था छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के नेताओं का।






गौ माता की कथित हत्या का मामला बना आंदोलन की जड़

पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब खरोरा खड़ क्षेत्र में गौ माता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई कथित हत्या की खबर सामने आई। स्थानीय निवासियों और आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस घटना के पीछे मोजो मशरूम और उमा श्री राइस मिल का हाथ है। इन संस्थानों पर गौ माता के अपमान और अस्मिता से खिलवाड़ के आरोप लगाए गए हैं।




सभा में गूंजे तीखे भाषण, सरकार और पूंजीवाद पर सीधा वार

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रमुख नेताओं ने सरकार, प्रशासन और बाहरी व्यापारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

🗣️ योगेश साहू (JCP, जिला अध्यक्ष):

> “छत्तीसगढ़ की असली ताकत यहां का आम आदमी है। आंदोलन हम करते हैं, लेकिन फायदे कोई और उठाता है।”



🗣️ अजय वर्मा (जिला अध्यक्ष):

> “सिर्फ पोस्टर लगाकर सरकार दिखावे का काम कर रही है। जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला।”



🗣️ प्रदेश अध्यक्ष (क्रांति सेना):

> “छत्तीसगढ़ अब बीजेपी का नहीं, अदानी का गढ़ बन चुका है। व्यापार करो लेकिन शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे।”






प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन, मिला सात दिन का अल्टीमेटम

सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने खरोरा तहसील कार्यालय और पुलिस थाना तक पैदल मार्च किया। वहां प्रशासन को औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में साफ तौर पर कहा गया है कि:

सात दिनों के भीतर मोजो मशरूम और उमा श्री राइस मिल पर जांच और कार्यवाही की जाए।

दोषियों की गिरफ्तारी हो।

गौ माता और छत्तीसगढ़िया अस्मिता के अपमान को रोका जाए।


अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गईं, तो:

> “चक्काजाम, धरना, और विधानसभा घेराव जैसे उग्र कदम उठाए जाएंगे।”






जनता का सब्र अब जवाब दे रहा है

सभा में मौजूद ग्रामीणों और महिला समूहों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। कुछ स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने कहा:

🗣️ “अब छत्तीसगढ़ियों का सब्र टूट चुका है। हमें न्याय नहीं मिला, तो सड़कों पर उग्र आंदोलन होगा।”
🗣️ “हमारी संस्कृति और आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”




क्या सरकार लेगी संज्ञान?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है — क्या राज्य सरकार और प्रशासन इस आंदोलन को गंभीरता से लेंगे?
क्योंकि अगर सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन की चिंगारी पूरे प्रदेश में फैल सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा सत्र से पहले इस तरह का जनआक्रोश सरकार के लिए खतरे की घंटी बन सकता है।


खरोरा में जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक विरोध नहीं था — वह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जनज्वार के सामने टिक पाएगा या फिर एक बार फिर जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।




📰 रिपोर्ट: अनिल कुमार भट्ट
📌 तिल्दा टाइम्स CG न्यूज़

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *