पुलिस पूछताछ के बाद ग्रामीण की मौत से बवाल,NH-49 पर चक्काजाम; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, थाना प्रभारी सहित 3 पुलिसकर्मी लाइन अटैच

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पुलिस पूछताछ के बाद ग्रामीण की मौत से बवाल, NH-49 पर चक्काजाम; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, थाना प्रभारी सहित 3 पुलिसकर्मी लाइन अटैच


रायगढ़। जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत परसकोल गांव में पुलिस पूछताछ के बाद एक ग्रामीण की तबीयत बिगड़ने और उपचार के दौरान मौत हो जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में गुरुवार शाम आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने नेशनल हाईवे-49 पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।


प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के लोग हाईवे पर जुट गए, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस की पूछताछ के दौरान ग्रामीण की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।


मुआवजा और कार्रवाई की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, तथा मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग प्रमुख रही।


कई घंटों तक चला विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की। अधिकारियों ने ग्रामीणों और समाज के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चा की, लेकिन लंबे समय तक कोई सहमति नहीं बन सकी। इस दौरान ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और चक्काजाम जारी रखा।


विधायक उमेश पटेल भी पहुंचे मौके पर
इसी बीच खरसिया विधायक उमेश पटेल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों तथा मृतक के परिजनों से बातचीत की। विधायक ने ग्रामीणों की मांगों को प्रशासन के सामने रखा और मामले के समाधान के लिए मध्यस्थता की।


काफी देर तक चली बातचीत के बाद देर रात प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच सहमति बन पाई। विधायक की मौजूदगी में हुए इस समझौते के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और चक्काजाम खत्म कर दिया गया।


समझौते में क्या तय हुआ
प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच हुए समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। इसके तहत पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। साथ ही मृतक की पत्नी को कलेक्टर दर पर आसपास के किसी शासकीय स्कूल में नौकरी दी जाएगी।


इसके अलावा जांच पूरी होने तक मामले से जुड़े पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने और मुआवजा राशि के संबंध में भी सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।


तीन पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खरसिया थाना प्रभारी राजेश जांगड़े तथा आरक्षक बिसोप सिंह और योगेश साहू को जांच पूरी होने तक लाइन अटैच कर दिया है।


वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने बताया कि पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


इलाके में तनाव, प्रशासन की नजर
घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई थी, हालांकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल से मामला शांत कराया गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


मजिस्ट्रियल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीण की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है।

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