सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू हुए विद्यार्थी: पीएम श्री प्रियदर्शिनी स्कूल का शैक्षणिक भ्रमण संपन्न

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सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू हुए विद्यार्थी: पीएम श्री प्रियदर्शिनी स्कूल का शैक्षणिक भ्रमण संपन्न


नेवरा-तिल्दा,


पीएम श्री प्रियदर्शिनी शासकीय अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय, नेवरा-तिल्दा द्वारा शनिवार को विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में विद्यालय की मध्य, हाई तथा उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के लगभग 550 छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।

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इस exposure visit का उद्देश्य विद्यार्थियों को इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व से जुड़ी जानकारी को पुस्तकों से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान करना था।


भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सिरपुर के विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का अवलोकन किया तथा वहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हुए। सबसे पहले विद्यार्थियों ने प्राचीन स्थापत्य कला के अद्भुत उदाहरण के रूप में प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर का भ्रमण किया।

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ईंटों से निर्मित यह मंदिर अपनी उत्कृष्ट शिल्पकला और बारीक नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की संरचना और ऐतिहासिक महत्व के बारे में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों में प्राचीन भारतीय वास्तुकला के प्रति जिज्ञासा और रुचि देखने को मिली।


इसके पश्चात विद्यार्थियों ने सिरपुर पुरातत्व संग्रहालय का भ्रमण किया। संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन मूर्तियों, शिलालेखों, धातु प्रतिमाओं तथा विभिन्न पुरातात्विक अवशेषों को देखकर विद्यार्थी काफी उत्साहित नजर आए।

शिक्षकों और गाइड ने विद्यार्थियों को इन अवशेषों के ऐतिहासिक महत्व और उनसे जुड़े कालखंड के बारे में जानकारी दी।

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भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध गंधेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन भी किए। मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन मूर्तियों और स्थापत्य शैली ने विद्यार्थियों को काफी आकर्षित किया। इसके अलावा विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्थल सुरंग टीला का भी अवलोकन किया, जो अपनी भव्य संरचना और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। ऊंचे चबूतरे पर बने इस मंदिर समूह की वास्तुकला ने विद्यार्थियों को प्राचीन काल की निर्माण कला से परिचित कराया।


शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ आपसी संवाद, संगीत, सामूहिक गतिविधियों और भोजन का भी आनंद लिया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक महत्व और पुरातात्विक विशेषताओं के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया।

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विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विद्यार्थियों में इतिहास, संस्कृति और विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा सीखने की प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बनती है।


विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक बल्कि यादगार अनुभव भी साबित हुआ। विद्यार्थियों ने सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त किया।

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