भीषण औद्योगिक हादसे में झुलसे चार लोगों ने तोड़ा दम, इलाके में  पसरा मातम,एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां उजड़ी

Image Editor Output Image876002308 17709666849795573798164523784139


भीषण औद्योगिक हादसे में झुलसे चार लोगों ने तोड़ा दम, इलाके में मातम पसरा


खरसिया/रायगढ़, 13 फरवरी 2026।
खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित श्री मंगल कार्बन प्लांट में 5 फरवरी को हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे साहेब लाल खड़िया ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन अब भी सदमे से उबर नहीं पाए हैं।


एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां उजड़ीं
इस दर्दनाक हादसे की सबसे मार्मिक बात यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं—पिता, पुत्र और नौ माह की मासूम बच्ची। एक साथ तीन पीढ़ियों का असमय चले जाना पूरे बानीपाथर गांव के लिए असहनीय पीड़ा बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा गया। घर-घर शोक का माहौल है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

Image Editor Output Image876002308 17709667117758511839883857891985


तीन घायल अब भी जिंदगी की जंग में
हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। परिवारजन अस्पताल के बाहर चिंतित बैठे हैं और हर पल अच्छी खबर की उम्मीद कर रहे हैं।


शव रखकर एनएच-49 पर चक्का जाम
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मृतकों के शव राष्ट्रीय राजमार्ग 49 पर रखकर घंटों तक चक्का जाम किया। इस दौरान यातायात पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की।


विधायक उमेश पटेल ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और प्रशासन के साथ लंबी चर्चा की। कई घंटों तक चली वार्ता के बाद सहमति बनी और प्रदर्शन समाप्त हुआ।

Image Editor Output Image876002308 17709667450915174045342630382278


मुआवजा और भविष्य की जिम्मेदारी का आश्वासन
सहमति के तहत तीन मृतकों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई। साथ ही तत्काल 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी का पूरा खर्च उठाने का भी आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद चक्का जाम समाप्त हुआ और एनएच-49 पर यातायात बहाल कर दिया गया।


उद्योग प्रबंधन पर एफआईआर, प्लांट सील
पुलिस ने उद्योग प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रारंभिक जांच के बाद प्लांट को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।


सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संभावित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या प्लांट में नियमित सुरक्षा निरीक्षण हो रहे थे? क्या श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? क्या आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर्याप्त थी? इन सभी बिंदुओं की जांच अब प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन चुकी है।


जवाबदेही की कसौटी पर प्रशासन और उद्योग
खरसिया का यह हादसा केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन गया है। एक परिवार की तीन पीढ़ियां खत्म हो चुकी हैं और चार घरों के चूल्हे हमेशा के लिए बुझ गए। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोषियों को सजा मिलेगी और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।


ग्रामीणों की एक ही मांग है—“न्याय और सुरक्षा की गारंटी।”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *