छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शक में नेशनल लोक अदालत की तैयारी, पुलिस विभाग के साथ महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न

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छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत की तैयारी, पुलिस विभाग के साथ महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न


सूरजपुर, 13 फरवरी 2026।
वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत के सफल एवं प्रभावी आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु आगामी 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीता वार्नर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।


बैठक में माननीय प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मानवेन्द्र सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी.एस. बघेल, जिला पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल टोपनो, न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष भगत, न्यायिक मजिस्ट्रेट रूची मिश्रा एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट कु. हिमांशी सर्राफ सहित न्यायिक एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


समय पर नोटिस तामिली पर विशेष जोर
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत वर्ष 2026 का प्रथम आयोजन है, अतः इसकी तैयारी पूरी गंभीरता एवं समन्वय के साथ की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्राधिकरण एवं न्यायालयों द्वारा जारी लोक अदालत संबंधी नोटिस एवं समंस की तामिली समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए।


उन्होंने बताया कि समय पर नोटिस प्राप्त होने से पक्षकारों को न्यायालय तक आने-जाने की व्यवस्था करने तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में आपसी सहमति से लेन-देन संबंधी मामलों को सुलझाने का पर्याप्त अवसर मिलता है। इससे अधिकाधिक प्रकरणों के निराकरण की संभावना बढ़ती है।


प्रचार-प्रसार एवं मध्यस्थता अभियान पर चर्चा
बैठक में नोटिस तामिली के साथ-साथ नेशनल लोक अदालत एवं मध्यस्थता अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने जनजागरूकता बढ़ाने हेतु थाना स्तर पर सूचना प्रसार, बैनर-पोस्टर, सोशल मीडिया एवं ग्राम स्तर पर सूचना देने जैसे उपायों पर जोर दिया।


आम नागरिकों से अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस वैकल्पिक न्याय प्रणाली का लाभ उठाएं।


लोक अदालत विवादों के निपटारे का एक प्रभावी एवं सरल माध्यम है, जहां न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने पर संबंधों में मधुरता भी बनी रहती है। यह व्यवस्था पक्षकारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों को समाप्त कर आपसी बैर की भावना को भी खत्म करने में सहायक सिद्ध होती है।


प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से विश्वास दिलाया है कि आगामी 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली।

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