तिल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सांकरा में जनसुनवाई के दौरान उमड़ा जनसैलाब,,                                            प्रस्तावित श्री नाकोड़ा इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड प्लांट का ग्रामीणों ने किया कड़ा विरोध,,

संवाददाता अनिल कुमार भट्ट तिल्दा नेवरा

तिल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सांकरा में प्रस्तावित श्री नाकोड़ा इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड प्लांट का ग्रामीणों ने किया कड़ा विरोध, जनसुनवाई के दौरान उमड़ा जनसैलाब

तिल्दा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सांकरा में लगने वाला श्री नाकोड़ा इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट को लेकर  दिनांक 27 जून, शुक्रवार को जनसुनवाई का आयोजन ग्राम पंचायत सांकरा मे किया गया था ,इस जनसुनवाई में भारी संख्या में स्थानीय एवं आस पास के ग्रामीणजन शामिल हुए, जिन्होंने इस कंपनी का खुलकर विरोध किया,ग्रामीणों का कहना था इस प्लांट के लगने से हमारे आस पास के पर्यावरण प्रदूषित एवं  जल,जंगल और जमीन सभी को प्रभावित करेगा

1751073993979823 04031684752766605936

जनसुनवाई में  पहले ही ग्रामीण संगठन बनाकर विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हो चुके थे। ग्राम पंचायत सांकरा के साथ-साथ लखना ,भुमिया,एवं आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए और उन्होंने नारेबाजी करते कंपनी वापस जाओ के नारे लगाते हुए अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी हालत में इस इस्पात संयंत्र को ग्राम पंचायत सांकरा एवं आस पास के किसी भी गांव  में स्थापित होने नही दिया जाएगा।

Img 20250627 142411 26880463294824229448

इस विरोध प्रदर्शन में पुरूष वर्ग ने जमकर विरोध किया पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, युवतियाँ, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी की एक ही मांग थी कि यह उद्योग ग्रामवासियों के हित में नहीं है और इससे पर्यावरण, जलस्रोत और कृषि पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

विरोध के बीच कुछ लोगों द्वारा इस कंपनी के समर्थन के लिए  गुपचुप तरीके से सहमति पत्र दिए जाने की बात सामने आने पर ग्रामीणों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया। ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया को गैर-पारदर्शी और जनभावनाओं के विरुद्ध बताया।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने पर्यावरणीय चिंता, स्वास्थ्य पर संभावित असर और रोजगार को लेकर आशंका जताई। उन्होंने मांग की कि यदि किसी भी प्रकार का उद्योग लगाया जाता है तो पहले ग्रामसभा की पारदर्शी स्वीकृति, पर्यावरण सुरक्षा उपाय और स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार की गारंटी दी जानी चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम ने ग्राम पंचायत सांकरा सहित आसपास के क्षेत्रों में उद्योग स्थापना को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की आवाज को कितनी प्राथमिकता देते हैं।

सभी जिलों एवम ब्लाकों में रिपोर्टर की आवश्यकता

विज्ञापन हेतु संपर्क करें 9630531984, 7987769050

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *