बैकुंठ सीमेंट में हड़ताली मजदूरों की दिवाली भी अंधेरे में, आज 14वें दिन भी जारी रहा धरना ;समर्थन मे पहुँचे किसान नेता राजू शर्मा 

Image Editor Output Image1197366347 17609825974967205970388633841876
Image Editor Output Image 888204012 17609826341984790827242930825758



बैकुंठ सीमेंट में हड़ताली मजदूरों की दिवाली भी अंधेरे में, आज 14वें दिन भी जारी रहा धरना; समर्थन में पहुँचे किसान नेता राजू शर्मा

Image Editor Output Image56819884 17609831359143192019341009326906



तिल्दा-नेवरा/रायपुर, 20 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित बैकुंठ सीमेंट वर्क्स (अल्ट्राटेक सीमेंट) में चल रही मजदूरों की हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। जहाँ एक ओर पूरा देश दीपावली का उत्सव धूमधाम से मना रहा है, वहीं दूसरी ओर इस कारखाने के सैकड़ों श्रमिकों को दीपों के इस पर्व पर भी अपने घर परिवार से दूर, कारखाने के मुख्य गेट पर दिया जलाकर और मिठाई बांटकर प्रतीकात्मक दिवाली मनाने को मजबूर होना पड़ा।

Image Editor Output Image571359242 17609831998387236749041297109176



मजदूरों ने दीपावली धरने पर मनाई

हड़ताल पर बैठे मजदूरों ने कारखाने के मुख्य द्वार पर दिया जलाकर दिवाली मनाई। उनका कहना है कि वे चाहते तो अपने परिवार के साथ यह पर्व मना सकते थे, लेकिन जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे धरने से पीछे नहीं हटेंगे। मजदूरों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के जबरन तालाबंदी कर दी, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

प्रबंधन की चुप्पी, शासन की उदासीनता पर उठे सवाल

मजदूर नेताओं का आरोप है कि हड़ताल के 14 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो फैक्ट्री प्रबंधन ने कोई वार्ता की पहल की है, और न ही शासन या प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति पर कोई ठोस कदम उठाया है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं और मांगों से क्षेत्रीय विधायक, सांसद और मंत्री तक को अवगत कराया है, लेकिन सभी तरफ से सिर्फ आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं।

किसान नेता राजू शर्मा पहुंचे समर्थन में, बोले – “अब किसानों की भीड़ लानी पड़ेगी”

आज धरनास्थल पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य व किसान नेता श्री राजू शर्मा भी पहुंचे और उन्होंने मजदूरों को मिठाई खिलाकर दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

> “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पूरा देश रोशनी का पर्व मना रहा है, तब बैकुंठ सीमेंट के श्रमिक अपने हक के लिए संघर्षरत हैं। यह सिर्फ मजदूरों की नहीं, पूरे श्रमिक वर्ग की लड़ाई है। अगर अब भी प्रबंधन नहीं जागा, तो हम किसानों की भीड़ लेकर यहां आएंगे। बात नहीं बनी, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”



राजू शर्मा ने प्रबंधन के रवैये को “तानाशाही” बताते हुए शासन-प्रशासन की निष्क्रियता की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान बातचीत से संभव है, लेकिन यदि प्रबंधन और सरकार चुप रहे, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

“हम रोजी-रोटी छिनने नहीं देंगे” – श्रमिकों की अपील

मजदूरों का कहना है कि वे कभी नहीं चाहते कि फैक्ट्री बंद हो, क्योंकि यही उनकी आजीविका का एकमात्र स्रोत है। उनका स्पष्ट संदेश है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन जबरदस्ती थोपे गए फैसले को वे स्वीकार नहीं करेंगे।




मुख्य मांगें व विवाद के बिंदु (संक्षेप में):

जबरन तालाबंदी के खिलाफ विरोध।

श्रमिक हितों की अनदेखी और संवादहीनता।

उचित वेतन, स्थायीत्व और कार्यस्थल पर सम्मान की मांग।

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता।





क्या कहता है प्रबंधन?

अब तक इस मुद्दे पर फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मजदूरों का दावा है कि प्रबंधन पूरी तरह से संवाद से बच रहा है और स्थिति को जानबूझकर उलझाया जा रहा है।




आगे क्या?

अगर आने वाले दिनों में कोई समाधान नहीं निकला, तो हड़ताल और व्यापक रूप ले सकती है। किसान संगठनों और अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा समर्थन मिलने से यह मुद्दा अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीतिक मुद्दा बनने की ओर बढ़ रहा है।




समाचार पोर्टल – रिपोर्टिंग टीम तिल्दा टाइम्स CG न्यूज

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *