
रायपुर, 12 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में लागू गाइडलाइन दरों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत राज्य सरकार ने जिला मूल्यांकन समितियों को आवश्यकतानुसार दरों में पुनरीक्षण का प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में बिलासपुर, कोरिया एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों से संशोधित गाइडलाइन दरों के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।
इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हेतु उप महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित जिलों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण, स्थानीय बाजार दरों का विश्लेषण, भूमि उपयोग की प्रकृति, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तथा पंजीयन से जुड़े राजस्व पहलुओं की समग्र समीक्षा की गई।
संशोधित दरों को मिली स्वीकृति
गहन चर्चा और परीक्षण के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने तीनों जिलों—बिलासपुर, कोरिया और सारंगढ़-बिलाईगढ़—की संशोधित गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है। बोर्ड द्वारा स्वीकृत नई गाइडलाइन दरें 13 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी।
क्या है गाइडलाइन दर?
गाइडलाइन दर वह न्यूनतम मूल्य होती है, जिस पर भूमि या संपत्ति का पंजीयन किया जाता है। इसका सीधा प्रभाव स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क पर पड़ता है। गाइडलाइन दरों में संशोधन होने से भूमि एवं संपत्ति के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया तथा राजस्व संग्रहण पर असर पड़ता है।
नागरिकों के लिए व्यवस्था
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन गाइडलाइन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों से प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अद्यतन दरें उपलब्ध कराई जाएंगी।
चरणबद्ध तरीके से होगा संशोधन
अन्य जिलों से प्राप्त होने वाले संशोधित प्रस्तावों पर भी केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा परीक्षण किया जाएगा। समीक्षा पूर्ण होने के बाद गाइडलाइन दरों को चरणबद्ध रूप से जारी किया जाएगा।
राज्य सरकार के इस निर्णय को रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता लाने, राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संपत्ति मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
