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रायगढ़ निवासी विजय सिंधी द्वारा सतनामी समाज को आहत करने का मामला, थाना तिल्दा नेवरा में रिपोर्ट दर्ज करने की मांग
तिल्दा नेवरा (जिला रायपुर)।
रायगढ़ निवासी विजय सिंधी द्वारा सतनामी समाज के परम पूज्य संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा जी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से सम्पूर्ण सतनामी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। समाज के लोगों ने इसे गुरु घासीदास बाबा जी की शिक्षाओं और आदर्शों का अपमान बताया है तथा आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

घटना से समाज में आक्रोश
जानकारी के अनुसार, विजय सिंधी ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से एक ऐसा बयान दिया जिसमें उन्होंने गुरु घासीदास बाबा जी के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह वीडियो/पोस्ट तेजी से वायरल हो गया, जिससे समाज के लोगों में रोष फैल गया।
सतनामी समाज के वरिष्ठजन और युवा वर्ग ने इसे गुरु घासीदास जी की शिक्षाओं के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि “गुरु घासीदास बाबा जी ने सदैव सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘मनखे-मनखे एक समान’, और आज भी उनके अनुयायी इन्हीं सिद्धांतों पर चलकर समाज सेवा करते हैं।”
थाना तिल्दा नेवरा में शिकायत दर्ज कराने की मांग
इस घटना के विरोध में समाज के बड़ी संख्या में लोग तिल्दा नेवरा थाना पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी विजय सिंधी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की भावनाओं का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सतनामी समाज की आस्था का प्रश्न है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की।

प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
सतनामी समाज के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज व्यापक आंदोलन की राह पर चलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अमर्यादित बयान समाज में वैमनस्य और विभाजन पैदा करते हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समाजजनों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती संतों और महापुरुषों की रही है, और ऐसे में किसी भी संत या गुरु के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना समाज की धार्मिक और सामाजिक एकता पर प्रहार के समान है।

समाज की एकजुटता का परिचय
इस प्रकरण के विरोध में न केवल तिल्दा नेवरा क्षेत्र, बल्कि रायगढ़, बिलासपुर और दुर्ग जिलों से भी समाज के लोग समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।
सतनामी समाज के युवा नेताओं ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखते हैं, लेकिन प्रशासन को इस गंभीर मामले में शीघ्र और निष्पक्ष जांच करनी होगी।
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गुरु घासीदास जी ने सदैव सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश दिया था — “मनखे-मनखे एक समान”। समाजजनों का कहना है कि ऐसे पूजनीय संत के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग असहनीय है

समाज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस दौरान समाज के अनेक गणमान्य पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
देवा टंडन, राजकुमार गेन्द्रे (पार्षद), दशरथ डहरिया, दिनेश गायकवाड (अधिवक्ता), हेमलाल घृतलहरे (जनपद प्रतिनिधि), नंदकुमार बंजारे, राहुल जोशी (पंच), पवन बघेल, संजय पांसे, रोहित आडिल (सरपंच प्रतिनिधि तुलसी), कबीर चेलक, त्रिवेदी पात्रे, प्रकाश गेन्द्रे, राजा चेलक, शैलेन्द्र डहरिया, नीलकंठ खुटे, प्रशांत जांगड़े, हितेंद्र धीरे, वीरेंद्र सोनवानी, वीरू कोशले, सूर्या धीरे, भारत कोसरिया, धीरज टंडन, नीरज धीरे सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कड़ी कार्रवाई की मांग
सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की आस्था नहीं बल्कि पूरे सतनामी समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की अपमानजनक हरकत करने का साहस न कर सके।
समाज ने यह भी चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती है, तो समाज आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विवश होगा।
📍 समाचार सारांश:
- सतनामी समाज ने बाबा गुरु घासीदास जी के अपमान के विरोध में FIR के लिए आवेदन सौंपा।
- थाना तिल्दा नेवरा में ज्ञापन देकर SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग।
- समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित।
- समाज की चेतावनी — “यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो किया जाएगा आंदोलन।”

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
