बिलाड़ी गांव में धूमधाम से मनाया गया पोला पिथौड़ा पर्व

Img 20250823 165541 16543077995119491513 1024x473



बिलाड़ी गांव में धूमधाम से मनाया गया पोला-पिथौड़ा पर्व

बिलाड़ी (तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर):
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम बिलाड़ी में पोला-पिथौड़ा पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। यह पर्व छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे ग्रामीणों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।

Img 20250823 165458 18215749096537936269 1024x473



ग्राम बिलाड़ी में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें मिट्टी के नंदिया बैल और पोला की विशेष पूजा की जाती है। इस अवसर पर बिटिया लोग अपने मायके लौटकर अपने पिता के घर त्योहार मनाती हैं, जिससे पारिवारिक और सांस्कृतिक संबंध और भी प्रगाढ़ हो जाते हैं।

Image Editor Output Image 1371152882 17559735517706305881667521660099 1024x531



पोला पर्व के दिन ग्रामीण महिलाएं और बच्चियां मिट्टी से बने पोला और बैलों की पूजा-अर्चना करती हैं। परंपरागत व्यंजन ठेठरी, खुरमी, व अन्य मिष्ठान्न बनाकर भोग स्वरूप अर्पित किए जाते हैं।

Img 20250823 165520 18691793913006061348 1024x473



सांझ होते ही बेटियां अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए उन मिट्टी के पोला को ‘भांठा’ में ले जाकर पटख देती हैं। इसके पश्चात खो-खो, कबड्डी, पिट्ठुल जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन होता है, जिसमें हर उम्र के लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं और त्योहार का भरपूर आनंद उठाते हैं।

Img 20250823 1655336761399010419044363 1024x473



गांववासियों का कहना है कि यह पर्व न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक एकता, महिला सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक भी है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि ग्राम्य जीवन में आज भी परंपराएं जीवित हैं और लोग अपनी संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं।

Img 20250823 165601 11894340109094952513 473x1024
Image Editor Output Image 1062356153 1755973672434487597349076717039 560x1024

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *