
तिल्दा नेवरा ब्लॉक के ग्राम बिलाड़ी में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया हलषष्ठी (कमरछठ) पर्व
📰 तिल्दा टाईम्स CG न्यूज़
संपादक: अनिल कुमार भट्ट
बिलाड़ी (तिल्दा नेवरा)।
भाद्रपद मास की षष्ठी तिथि पर हलषष्ठी, जिसे लोक भाषा में कमरछठ भी कहा जाता है, हलषष्ठी (कमरछठ ) पर्व तिल्दा नेवरा ब्लॉक के ग्राम बिलाड़ी में पूरी भक्ति और परंपरा के साथ मनाया गया। गांव के महामाया चौक, सक्ति चौक और भाटापारा चौक में महिलाओं ने अपने संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए उपवास रखकर पूजा अर्चना की।

स्थानीय परंपरा के अनुसार, व्रतधारी माताओं ने पूजा के लिए ब्राह्मणों द्वारा खुदवाए गए, दो सगरी तालाब (मिट्टी के कुंड) मे पुजा करने इन सगरी तालाबों को जल भरकर साफ-सुथरा सजाया गया, जिसमें महुआ के पत्ते, पुष्प, लाई, नारियल, पसहर चावल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई गई।
सगरी के किनारे हलषष्ठी माता, शिव-पार्वती एवं गणेश जी की मिट्टी से बनी मूर्तियाँ स्थापित की गईं। ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा संपन्न करवाई गई।
निर्जला उपवास और पारंपरिक प्रसाद

माताओं ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर व्रत किया। पूजा में विशेष रूप से महुआ, लाई, भुंजा हुआ मूँग-चना, पसहर चावल, नारियल और भैंस का दूध-दही-घी का उपयोग किया गया। संतान की कुशलता और लंबी उम्र की कामना करते हुए महिलाओं ने छुई मिट्टी का पोता बच्चों के कमर पर छह बार स्पर्श कर उन्हें आशीर्वाद दिया।
गांव में उत्सव जैसा माहौल
पूरे गांव में कमरछठ पर्व को लेकर उत्सव जैसा वातावरण रहा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी-संवरी हुईं और लोकगीतों के साथ पूजा में भाग लिया। चौकों में सामूहिक रूप से पूजा कर माताओं ने एक-दूसरे को पर्व की बधाइयाँ दीं।
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🪔 हलषष्ठी पर्व ग्राम बिलाड़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो माताओं के संतान-प्रेम, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक है।
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📌 संवाददाता – तिल्दा टाईम्स CG न्यूज़
🖋️ संपादक – अनिल कुमार भट्ट
📍 स्थान – ग्राम बिलाड़ी, तिल्दा नेवरा ब्लॉक, जिला रायपुर (छ.ग.)


Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
