
रक्षाबंधन पर बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी राखी, ग्राम बिलाड़ी में हर्षोल्लास से मनाया गया पर्व
तिल्दा-नेवरा (बिलाड़ी)। भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष ग्राम बिलाड़ी में भी पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


इस अवसर पर गाँव की गलियों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। बहनों ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर अपने भाइयों की आरती उतारी और तिलक लगाकर राखी बांधी, भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनका आदर किया और जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन दोहराया।

यह पर्व ना केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द की भावना को भी बढ़ाता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर ग्राम बिलाड़ी में भाई-बहन के रिश्ते की यह डोर फिर एक बार और मजबूत होती नजर आई।


100 वर्षों बाद बना अद्भुत संयोग, छत्तीसगढ़ के ग्राम बिलाड़ी में रक्षाबंधन पर्व बड़े उत्साह से मनाया गया
हिन्दू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष विशेष संयोग के साथ आया। बताया जा रहा है कि करीब 100 वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग बना, जब पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का पर्व पूरे देश भर में अत्यंत शुभ मुहूर्त में मनाया गया।


हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इसे श्रावणी पूर्णिमा भी कहा जाता है, जो धार्मिक रूप से अत्यंत पवित्र, कल्याणकारी और शुभ मानी जाती है। इसी दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बाँधकर उनके दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना करती हैं, जबकि भाई उन्हें उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।

गौरतलब है कि जैसे देशभर में रक्षाबंधन पूरे हर्षोल्लास से मनाया गया, वैसे ही छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलाड़ी में इस बार रक्षाबंधन का पर्व बड़ी हर्षोल्लास से मनाया गया।

यहाँ की गलियों और चौपालों में ऐसा उत्साह देखा गया जब नन्हीं-नन्हीं बहनों ने अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर अलौकिक प्रेम और स्नेह का प्रदर्शन किया। बच्चों में इस पर्व को लेकर विशेष ललक और उमंग देखी गई। परंपरागत तरीकों से सजी-धजी बहनों ने आरती उतारी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर भाईयों को आशीर्वाद दिया।



Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
