
सावन के अंतिम सोमवार पर खचाखच भरा सोमनाथ मंदिर परिसर, कांवरियों की उमड़ी भीड़
लखना (सिमगा-बिलासपुर मार्ग):
सावन माह के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्राम लखना से लगे भव्य सोमनाथ मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन और भक्तों की भारी भीड़ ने माहौल को अलौकिक बना दिया। सुबह से ही मंदिर परिसर में शिव भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा क्षेत्र “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा।

सोमनाथ मोढ़ से मंदिर तक के मार्ग पर कांवरियों का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित स्थानीय ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह जलपान और भंडारों की व्यवस्था की थी। कहीं खिर-पुड़ी, कहीं पोहा, पुलाव-भात, सेब, केला और चाय जैसे विविध प्रसाद एवं जलपान सामग्री भक्तों को वितरित की जा रही थी।

कांवड़ लेकर पै , दल चल रहे भक्तों की संख्या इतनी अधिक थी कि रास्तों में भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। फिर भी भक्तों की आस्था और सेवा भावना में कोई कमी नहीं आई। हर कोई अपने सामर्थ्य अनुसार कांवरियों की सेवा में लगा हुआ दिखाई दिया।,

सोमनाथ मंदिर का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा की भावना का भी उदाहरण बनकर सामने आया है।
सोमनाथ मंदिर, छत्तीसगढ़ के रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर सिमगा शहर के पास लखना गाँव में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर खारून और शिवनाथ नदियों के संगम पर स्थित है और अपनी प्राचीन शिवलिंग के लिए जाना जाता है, जो छठी-सातवीं शताब्दी का माना जाता है जिसकी ऊंचाई 3 फीट है और यह आकार में बढ़ता जा रहा है, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है यह शिवलिंग साल में तीन बार रंग बदलता है – गर्मी में लाल, बरसात में भूरा और सर्दियों में काला. ,इस मंदिर का महत्व निषाद समाज के आराध्य देव के रूप में भी माना जाता है. यहाँ महाशिवरात्रि, माघ पूर्णिमा और सावन सोमवार जैसे त्योहारों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं,यह मंदिर छत्तीसगढ़ में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है,
लखना गाँव, सिमगा से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। मंदिर खारून नदी के तट पर स्थित है और शिवनाथ नदी के साथ इसके संगम के पास है,
यात्रा कैसे करें:
सड़क मार्ग: रायपुर-बिलासपुर हाईवे से सिमगा तक पहुंचा जा सकता है, और फिर लखना गाँव तक सड़क मार्ग से जाया जा सकता है.
रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन तिल्दा-नेवरा है,
निकटतम हवाई अड्डा: रायपुर हवाई अड्डा.
अन्य जानकारी:
मंदिर के पास नौका विहार भी उपलब्ध है,
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने के बाद, नदी के बीच में स्थित शिवलिंग का दर्शन करना भी आवश्यक है,


Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
