गरियाबंद स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में सावन की धूम,श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

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📰 भक्ति में लीन गरियाबंद छुरा: सावन सोमवार पर भूतेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

छुरा (गरियाबंद), 21 जुलाई
सावन माह का पावन अवसर और भोलेनाथ की भक्ति का उत्सव — कुछ ऐसा ही नज़ारा आज गरियाबंद के प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर में देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर जलाभिषेक करने पहुंचे। यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, और सावन के सोमवार को यहां का दृश्य अत्यंत भव्य और भक्तिमय हो जाता है।

श्रावण मास, जो हिंदू पंचांग के अनुसार जुलाई माह से शुरू होता है, भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इसी कड़ी में आज सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब भूतेश्वर महादेव मंदिर की ओर उमड़ा। श्रद्धालु दूर-दराज़ के गांवों से कांवड़ में पवित्र जल भरकर मंदिर पहुंचे और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

आस्था और प्रकृति का संगम

मंदिर परिसर में आज अल सुबह से ही भक्तों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। “बोल बम” के नारों से संपूर्ण क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालु परंपरागत रीति से पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे और कतारबद्ध होकर भगवान शिव को जल अर्पित किया। मंदिर समिति द्वारा भक्तों के लिए जल, छाया, भंडारे और प्राथमिक उपचार की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था

भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे। स्वयंसेवी संगठन और युवा समितियों ने भी श्रद्धालुओं की सेवा में सहयोग प्रदान किया।

भक्तों की श्रद्धा अपार

मंदिर में पहुंचे एक श्रद्धालु शिवराम साहू ने बताया, “हम हर साल सावन में यहां कांवड़ लेकर आते हैं। यहां की शांति और वातावरण आत्मा को सुकून देता है।” एक अन्य भक्त महिला, लक्ष्मी बाई ने कहा, “भूतेश्वर महादेव के दर्शन मात्र से मन की सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं।”




🕉️ “भक्ति, प्रकृति और इतिहास का संगम — यही है भूतेश्वर महादेव मंदिर की पहचान।”
– संवाददाता, न्यूज रिपोर्ट, गरियाबंद


सावन का पवित्र महीना जो जुलाई में शुरू होता है, पूरे देश में भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था, भक्ति और साधना का समय होता है। इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए गरियाबंद जिले के श्रद्धालु भी कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और अपने घरों से जल भरकर भगवान भोलेनाथ के पवित्र शिवलिंग पर जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचते हैं।

आज सावन माह के सोमवार को गरयाबंद क्षेत्र स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में आस्था की विशेष छटा देखने को मिली। यहां आसपास के गांवों और कस्बों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर पहुंचे। भक्तों ने नियमपूर्वक जल चढ़ाया और “बम बम भोले” के जयकारों से संपूर्ण वातावरण गूंज उठा।

भूतेश्वर महादेव की विशेषता यह है कि यहां स्थित शिवलिंग को विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। घने जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इसका वातावरण हर भक्त को मंत्रमुग्ध कर देता है।

श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मंदिर की परिक्रमा करते हैं और विशेष रूप से सावन के हर सोमवार को यहां आकर जलाभिषेक करना अपना सौभाग्य मानते हैं। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं, जिसमें जल व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पुलिस सुरक्षा और भंडारे का आयोजन शामिल है।

सावन के इस पवित्र अवसर पर भूतेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां का नजारा न केवल भक्ति से सराबोर होता है, बल्कि यह भक्तों के मन में असीम शांति और आनंद भी भर देता है।

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