
🌿 पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बने ग्राम बिलाडी के रवि पाल
अपने खर्च पर करते हैं पौधारोपण, पेड़ों को संजोते हैं छोटे बच्चों की तरह
तिल्दा नेवरा (बिलाडी)।
आज जहां पूरी दुनिया पर्यावरण असंतुलन और जलवायु परिवर्तन से जूझ रही है, वहीं ग्राम बिलाडी (तहसील तिल्दा नेवरा) के रवि पाल अपने व्यक्तिगत प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। रवि पाल हर वर्ष अपने खर्च पर पौधारोपण करते हैं और लगाए गए पेड़ों की देखभाल को वे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं, उनके सहयोगी साथी सुरेश पाल एवं हरिशंकर पाल भी उनसे प्रेरित होकर उनका उत्साह से साथ देते हैं। और पेड़ों के पौधारोपण मे उनका सहयोग करते हैं।


📍 स्थान: ग्राम बिलाडी, तहसील तिल्दा नेवरा |
✍️ रिपोर्ट: तिल्दा टाईम्स CG न्यूज |
🖊️ संपादक : अनिल कुमार भट्ट |
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🌱 प्रकृति से प्रेम और पर्यावरण के प्रति समर्पण का एक जीवंत उदाहरण हैं रवि पाल
जब पूरी दुनिया पर्यावरणीय असंतुलन और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे समय में ग्राम बिलाडी (तहसील तिल्दा नेवरा) के रवि पाल अपने व्यक्तिगत प्रयासों के जरिए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए किसी बड़े संगठन या सरकारी योजना की नहीं, बल्कि एक जागरूक सोच और समर्पित प्रयास की आवश्यकता होती है।
रवि पाल हर साल अपने निजी खर्च पर पौधारोपण करते हैं और लगाए गए वृक्षों की देखभाल पूरी जिम्मेदारी और आत्मीयता से करते हैं। अब तक वे पीपल, बरगद, नीम जैसे 14 से अधिक बड़े वृक्ष लगा चुके हैं। ये न सिर्फ अधिक मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि औषधीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
रवि का कहना है:
> “पेड़ छोटे बच्चों की तरह होते हैं। अगर उन्हें प्यार, समय और देखभाल मिले, तो वे समाज को जीवनदायिनी छाया और ऑक्सीजन लौटाते हैं।”
🌳 हर पेड़ से जुड़ा है एक भावनात्मक रिश्ता
रवि पाल पौधों को केवल हरियाली का स्रोत नहीं मानते, बल्कि उनके साथ एक भावनात्मक रिश्ता रखते हैं। वे खुद पौधों को साफ-सुथरा रखना, समय पर पानी देना, और उन्हें कीटों से सुरक्षित रखना अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानते हैं। यही नहीं, वे गांव के बच्चों और युवाओं को भी पर्यावरण के महत्व के प्रति जागरूक करते रहते हैं।
उनका संदेश है:
> “प्रकृति से खिलवाड़ नहीं, प्रेम करना चाहिए। पर्यावरण हमारी जिम्मेदारी है। जल है तो कल है, और प्रकृति है तो हम हैं।”

रवि पाल केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं हैं। वे गांव में पर्यावरण संरक्षण के बारे मे बताते हैं।बच्चों व युवाओं को यह समझाते हैं कि पेड़-पौधे न सिर्फ ऑक्सीजन का स्रोत हैं, बल्कि हमारे अस्तित्व की बुनियाद भी हैं।
🌟 एक सच्चे पर्यावरण प्रेमी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व
रवि पाल ने अपने निरंतर प्रयासों और निःस्वार्थ समर्पण से ग्राम बिलाडी में एक प्रेरणास्रोत के रूप में पहचान बनाई है। वे न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकृति संरक्षण की मिसाल बन चुके हैं।
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🙏 तिल्दा टाईम्स CG न्यूज की ओर से रवि पाल जी को उनके प्रेरणादायक कार्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। हम आशा करते हैं कि उनके जैसे और भी लोग आगे आएं और पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाएं।

जहां एक ओर कई जगहों पर लकड़ी के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, वहीं रवि पाल जैसे युवा अपने काम से समाज को एक सकारात्मक संदेश दे रहे हैं
✍️ रिपोर्टर: तिल्दा टाईम्स CG न्यूज
📌 संपादक: अनिल कुमार भट्ट

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
