खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा: रोप-वे का रोप केबल टुटते ट्राली गिरने से 5 से अधिक श्रद्धालु घायल

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March 22, 2026 | महासमुंद
खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा: रोप-वे का केबल टूटा, ट्रॉली गिरने से 5 से ज्यादा श्रद्धालु घायल


छत्तीसगढ़ के खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब मंदिर परिसर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। घटना के समय ट्रॉली में कई श्रद्धालु सवार थे, जो चैत्र नवरात्र के चलते दर्शन के लिए पहुंचे थे। केबल टूटते ही ट्रॉली झटके के साथ नीचे आ गिरी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


नवरात्र के बीच मचा हड़कंप
चैत्र नवरात्र के कारण मंदिर में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। श्रद्धालु बड़ी संख्या में रोप-वे के जरिए पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंच रहे थे। इसी दौरान अचानक तकनीकी खराबी के चलते केबल टूट गया और ट्रॉली नीचे आ गई। घटना के बाद कुछ देर के लिए पूरे परिसर में दहशत का माहौल बन गया।


5 से 6 श्रद्धालु घायल, अस्पताल में भर्ती
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में 5 से 6 श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य को मामूली चोटें लगी हैं। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।


तत्काल शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर प्रबंधन, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया और ट्रॉली में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन की तत्परता से स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।


सुरक्षा में लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने रोप-वे संचालन में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।


जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन
प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रोप-वे की तकनीकी स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और संचालन व्यवस्था की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


स्थिति पर नजर:
फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नवरात्र के दौरान इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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