
अल्ट्राटेक बैकुंठ में 120 जोत संग माता शीतला की भक्ति में डूबा माहौल, दोनों पहर हो रही पूजा-अर्चना
तिल्दा-नेवरा/रायपुर। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर तिल्दा-नेवरा के समीप स्थित अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट वर्क्स एक बार फिर आस्था और श्रद्धा का केंद्र बन गया है। यहां परंपरानुसार इस वर्ष भी 120 जोत के साथ माता शीतला की स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही है।

प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों पहर माता की आरती, सेवा एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर संयंत्र के यूनिट हेड श्री पवन कुलकर्णी ने मंदिर पहुंचकर माता शीतला की पूजा-अर्चना की तथा जोत-जवारा का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने श्रद्धा भाव से आयोजन में भाग लेते हुए इसकी सराहना की और इसे क्षेत्र की आस्था का प्रतीक बताया।

घट स्थापना के शुभ अवसर पर संयंत्र के फंक्शनल हेड (टेक्निकल) श्री राजीव सिंघल एवं श्रीमती नीतू सिंघल सपत्नीक मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा कर जोत-जवारा की स्थापना की। इस दौरान संयंत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी जैसे अशोक मिश्रा, विवेक बघेल, अभिषेक तेवतिया सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि अल्ट्राटेक बैकुंठ क्षेत्र न केवल औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह तिल्दा-नेवरा का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल भी माना जाता है। यहां की हरियाली, वन क्षेत्र, झील और धार्मिक स्थल जैसे श्री बैकुंठेश्वर मंदिर, श्री हनुमान मंदिर एवं श्री जोगी कुआं धाम श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही यहां विकसित सुंदर गार्डन भी लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

इस वर्ष नवरात्रि के पांचवें आयोजन में भी 120 जोत प्रज्ज्वलित कर भक्तों ने अपनी आस्था प्रकट की है। प्रथम दिन घट स्थापना के साथ ही नियमित पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था, जो पूरे नवरात्रि पर्व तक निरंतर जारी रहेगा।

नवरात्रि के चौथे दिन मैकेनिकल हेड हिरमी श्री अनिल गुप्ता द्वारा श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं संध्याकालीन पूजा-आरती का आयोजन संयंत्र के स्टाफ एवं सिद्धा लेडीज क्लब के सहयोग से भव्य रूप में संपन्न हुआ, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

आस्था, परंपरा और सामूहिक भागीदारी का यह संगम अल्ट्राटेक बैकुंठ को नवरात्रि के दौरान एक विशेष धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करता है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
