छत्तीसगढ़ से फूलोदेवी नेताम और लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे को दी बधाई

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छत्तीसगढ़ से फूलोदेवी नेताम और लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, कांग्रेस-भाजपा ने एक-दूसरे को दी बधाई


रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ आदिवासी नेता Phoolo Devi Netam और भाजपा की उम्मीदवार Lakshmi Verma को बिना किसी मुकाबले के राज्यसभा के लिए चुन लिया गया।
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों नेताओं को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस दौरान राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस खेमे की ओर से नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij सहित कई नेता उपस्थित रहे।


निर्विरोध निर्वाचन के बाद दोनों दलों के नेताओं ने लोकतांत्रिक परंपरा का उदाहरण पेश करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नेताओं ने उम्मीद जताई कि राज्यसभा में छत्तीसगढ़ के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।


फूलोदेवी नेताम दूसरी बार राज्यसभा पहुंचीं
कांग्रेस की वरिष्ठ आदिवासी नेत्री Phoolo Devi Netam दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं। वे लंबे समय से छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं और आदिवासी समाज की मजबूत आवाज के रूप में जानी जाती हैं।


फूलोदेवी नेताम पहले प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वे कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की सदस्य भी रह चुकी हैं। बस्तर अंचल से आने वाली नेताम सामाजिक और जनजातीय मुद्दों को लगातार उठाती रही हैं।


साल 2020 में कांग्रेस ने पहली बार उन्हें राज्यसभा भेजा था। इससे पहले भी वे संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहकर पार्टी को मजबूत करने का काम करती रही हैं।


फूलोदेवी नेताम उस समय भी चर्चा में आई थीं जब वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर नक्सलियों ने हमला किया था। उस हमले में कई बड़े नेताओं की मौत हुई थी, हालांकि नेताम उस घटना में सुरक्षित बच गई थीं।


भाजपा की लक्ष्मी वर्मा पहली बार बनीं राज्यसभा सांसद
भाजपा की उम्मीदवार Lakshmi Verma पहली बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1990 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर की थी।


राजनीतिक सफर के शुरुआती दौर में वर्ष 2000 में उन्हें रायपुर के तत्कालीन सांसद Ramesh Bais का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। यह उनके राजनीतिक जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।


इसके बाद वर्ष 2001 में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया। यहां उन्होंने महिलाओं को संगठन से जोड़ने और पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।


साल 2010 से 2014 के बीच वे भाजपा के पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सदस्य भी रहीं। इसके अलावा उन्होंने संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं।


संगठन में निभाई अहम भूमिका
Lakshmi Verma को वर्ष 2021 से 2025 तक भाजपा छत्तीसगढ़ का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए कई जिलों में सक्रिय भूमिका निभाई।


वर्ष 2021 से 2024 के बीच वे गरियाबंद जिले की संगठन प्रभारी भी रहीं। साथ ही पार्टी की आधिकारिक मीडिया प्रवक्ता के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजकर महिला नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव को महत्व देने का संदेश दिया है।


छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया अध्याय
राज्यसभा के लिए दोनों नेताओं का निर्विरोध निर्वाचन छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि दोनों प्रमुख दलों ने इन सीटों पर आपसी सहमति के साथ अपने उम्मीदवार उतारे थे।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा में Phoolo Devi Netam और Lakshmi Verma की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ के सामाजिक, आदिवासी और विकास से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जा सकेगा।

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