
नारायणपुर, 31 जनवरी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर स्थित आईटीबीपी (ITBP) बटालियन परिसर में पहुंचकर आईटीबीपी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी एवं सीएएफ के जवानों और अधिकारियों से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बस्तर अंचल में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बनाने में सुरक्षा बलों की अहम भूमिका की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों की अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम के कारण ही आज बस्तर में विकास कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात रहकर सुरक्षा बलों ने न केवल माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया है, बल्कि आम नागरिकों में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी मजबूत की है। उन्होंने कहा कि आज सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं जिन इलाकों तक पहुंच पा रही हैं, उसके पीछे जवानों का अथक परिश्रम और बलिदान है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों ने जवानों के साथ रात्रि भोज किया और आत्मीय संवाद के माध्यम से उनके अनुभव, चुनौतियों और जरूरतों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के कल्याण, सुविधाओं और संसाधनों को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जवानों और उनके परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और समर्पण से केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी बम और गोलियों की आवाज़ से दहशत में रहते थे, आज वहां स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, विकास कार्यों की हलचल और मांदर की थाप सुनाई दे रही है। यह बदलाव सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा जवानों को उपहार भेंट किए गए, वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। स्वागत समारोह में पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, आईजी सुंदरराज पी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीतिक रूप से सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है, जहां केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बलों के संयुक्त दस्ते तैनात हैं। इन प्रयासों के चलते बस्तर अब धीरे-धीरे शांति, विकास और विश्वास की राह पर अग्रसर हो रहा है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
