
मनेन्द्रगढ़ में सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर पैतृक जमीन हड़पने का आरोप




जनदर्शन में महिला ने की शिकायत, पेट्रोल पंप की NOC पर रोक की मांग
मनेन्द्रगढ़ | 28 जनवरी 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र से राजस्व विभाग में कथित हेराफेरी और पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम चैनवारीडांड़ निवासी श्रीमती सुशीला देवी केवट ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक जमीन को भू-माफिया और कुछ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हड़प लिया गया है।
पीड़िता के अनुसार, उनकी पैतृक भूमि खसरा नंबर 420/1, जिसका कुल रकबा 1 हेक्टेयर है, उससे लगी जमीन को साजिश के तहत अवैध रूप से दूसरे पक्ष के नाम दर्ज कर दिया गया। शिकायत में बताया गया है कि विपक्षी पुष्पा देवी खेड़िया द्वारा वर्ष 1990 में खरीदी गई जमीन खसरा नंबर 103/22 एवं 103/23 को राजस्व अमले की सांठ-गांठ से सुशीला देवी की भूमि में जोड़ दिया गया।
बिना वैध प्रक्रिया के नया खसरा नंबर तैयार करने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिना किसी वैध दस्तावेज और विधिवत सीमांकन प्रक्रिया के, सुशीला देवी की भूमि से 0.260 हेक्टेयर जमीन काटकर नया खसरा नंबर 420/10 तैयार किया गया और उसे विपक्षी के नाम दर्ज कर दिया गया।
पीड़िता का कहना है कि वास्तविक रूप से खरीदी गई भूमि का रकबा 0.222 हेक्टेयर था, लेकिन रिकॉर्ड में उसे बढ़ाकर 0.260 हेक्टेयर दर्शाया गया, जिससे लगभग 4091 वर्गफुट अतिरिक्त भूमि का अवैध लाभ उठाया गया।
विवादित भूमि पर पेट्रोल पंप लगाने की तैयारी
शिकायतकर्ता ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि जिस भूमि को लेकर विवाद है, उसी जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सुशीला देवी ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक पेट्रोल पंप की NOC प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि विवादित भूमि पर कोई स्थायी निर्माण न हो सके।
पहले भी की गई थी शिकायत, कार्रवाई नहीं
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने इससे पूर्व 16 दिसंबर 2025 को भी कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका टोकन नंबर 2290125001412 है। बावजूद इसके, जनदर्शन पोर्टल पर अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई दर्ज नहीं की गई।
न्याय न मिलने पर उन्होंने 6 जनवरी 2026 को पुनः आवेदन देकर प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप और न्याय की गुहार लगाई है।
दोषियों पर कार्रवाई और जमीन लौटाने की मांग
सुशीला देवी केवट ने अपनी शिकायत में दोषी राजस्व अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी पैतृक भूमि को उसके मूल स्वरूप में वापस दिलाने की अपील की है।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में राजस्व व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर कब और क्या कार्रवाई करता है

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
