बलौदाबाजार में अवैध धान कारोबार पर प्रशासन का बड़ा प्रहार ,दो करोड़ रुपये से अधिक का धान जब्त, 200 से ज्यादा प्रकरण दर्ज

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बलौदाबाजार में अवैध धान कारोबार पर प्रशासन का बड़ा प्रहार
दो करोड़ रुपये से अधिक का धान जब्त, 200 से ज्यादा प्रकरण दर्ज


राइस मिलर्स और व्यापारियों में हड़कंप, कार्रवाई आगे भी जारी


बलौदाबाजार | छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में इन दिनों धान तिहार के तहत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहा है। इसी बीच बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अवैध धान भंडारण, परिवहन और बिचौलियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।


शनिवार को की गई ताजा कार्रवाई में प्रशासन ने 307 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया है। अब तक जिले में 200 से अधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं और करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया गया है।


कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर सख्त अभियान
धान खरीदी को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश और मार्गदर्शन में संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। यह टीम लगातार राइस मिलों, गोदामों और परिवहन मार्गों पर छापेमारी और भौतिक सत्यापन की कार्रवाई कर रही है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी, चाहे वह भंडारण हो, खरीदी हो या परिवहन—बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


आशा राइस इंडस्ट्रीज से 307 क्विंटल अवैध धान जब्त
शनिवार को संयुक्त जांच टीम ने तहसील टुण्डरा के नवरंगपुर स्थित आशा राइस इंडस्ट्रीज का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान राइस मिल में संधारित धान का जब दस्तावेजों से मिलान किया गया, तो 307.20 क्विंटल धान अधिक पाया गया।


मिल संचालक इस अतिरिक्त धान के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रकरण दर्ज कर पूरे धान को जब्त कर लिया गया।


इस कार्रवाई से जिले के राइस मिलर्स में हड़कंप मच गया है।


साहू ट्रेडर्स का गोदाम सील, 252 क्विंटल धान जब्त
इसी दिन ग्राम सिंघारी में स्थित थोक व्यापारी साहू ट्रेडर्स (संचालक – हेमंत साहू) के गोदाम पर भी प्रशासन की कार्रवाई देखने को मिली।


भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में रखे 252 क्विंटल धान का रिकॉर्ड से मिलान नहीं पाया गया। रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर सामने आने पर 252 क्विंटल धान जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध प्रविष्टि और अनुमति के धान का भंडारण गंभीर अपराध है।


खाद्य अधिकारी का खुलासा – 200 प्रकरण, 2 करोड़ से अधिक की जब्ती
जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक अवैध धान से जुड़े करीब 200 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।


“अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई किसानों के हित और शासन की धान खरीदी नीति की रक्षा के लिए की जा रही है।”


— पुनीत वर्मा, जिला खाद्य अधिकारी
बिचौलियों पर प्रशासन की पैनी नजर
जांच के दौरान कई मामलों में सामने आया है कि बिचौलिये किसानों से कम कीमत पर धान खरीदकर अवैध रूप से भंडारित कर रहे थे या फिर राइस मिलों तक पहुंचा रहे थे।
इससे न केवल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था, बल्कि शासन की खरीदी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।


भौतिक सत्यापन में उजागर हो रही अनियमितताएं
प्रशासन द्वारा किए जा रहे भौतिक सत्यापन में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं—
कहीं रिकॉर्ड से कम धान
कहीं अधिक भंडारण
कहीं फर्जी प्रविष्टियां
जहां धान कम पाया जा रहा है, वहां अतिरिक्त रकबा समर्पण कराया जा रहा है, वहीं अवैध रूप से अधिक धान पाए जाने पर जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


किसानों के हित में सख्ती, आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई ईमानदार किसानों के हित में है। धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन पंजीयन, टोकन व्यवस्था और सीधे खाते में भुगतान जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।


इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।


आगे और तेज होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य तहसीलों और विकासखंडों में भी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।


कलेक्टर दीपक सोनी के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम साफ संदेश देती है कि धान खरीदी व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

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