>क्यूआर कोड< से अब प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण, की मिलेगी पूरी जानकारी

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क्यूआर कोड से अब प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण ,की मिलेगी पूरी जानकारी

कोरबा।
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) में पारदर्शिता और जवाबदेही को नए आयाम देने के लिए कोरबा जिले ने एक महत्त्वपूर्ण डिजिटल पहल की शुरुआत की है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में अब ऐसे क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्कैन करते ही ग्रामीण अपने क्षेत्र में स्वीकृत आवासों से जुड़ी हर जानकारी अपने मोबाइल पर सहज रूप से देख सकेंगे।

इस अभिनव व्यवस्था का उद्देश्य जनता को योजनाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना, पारदर्शिता बढ़ाना और विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

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क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी ये जानकारी

क्यूआर कोड को स्कैन करने पर ग्रामीण नागरिकों को तुरंत निम्न जानकारी प्राप्त होगी—

ग्राम पंचायत में स्वीकृत आवासों की कुल संख्या

प्रत्येक आवास की वर्तमान प्रगति स्थिति

स्वीकृत राशि का पूरा विवरण

अब तक हुआ व्यय

लाभार्थियों का डेटा

संबंधित निर्माण कार्यों का अपडेट


इससे ग्रामीणों को परियोजनाओं की वास्तविक समय की स्थिति देखने का अवसर मिलेगा और योजना से जुड़े किसी भी भ्रम या शंका का समाधान भी हो सकेगा।

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सूचना निदेशक तारन प्रकाश सिन्हा की पहल

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशन में यह व्यवस्था सभी जिलों में लागू की जा रही है। उनका कहना है कि योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और आमजन को सीधे योजना की निगरानी से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड प्रणाली महत्वपूर्ण कदम है।




कलेक्टर अजीत वसंत और जिला पंचायत सीईओ की निगरानी

कोरबा जिले में यह पहल कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग की देखरेख में तेजी से लागू की जा रही है। जिला पंचायत के सभी जनपदों में क्यूआर कोड की स्थापना लगभग पूर्णता की ओर है।

सीईओ दिनेश कुमार नाग ने बताया—

> “यह डिजिटल व्यवस्था ग्रामीणों को योजनाओं की निगरानी का सीधा अधिकार देती है। अब लोग स्वयं देख सकेंगे कि उनके गांव में किस कार्य पर कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना व्यय हुआ और किस गति से काम आगे बढ़ रहा है। इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।”






गांव के विकास में ग्रामीण बनेंगे सहभागी

क्यूआर कोड आधारित प्रणाली ग्रामीणों को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने गांव के विकास के सजग प्रहरी के रूप में स्थापित करती है।

ग्रामीण अब खुद योजना के हर चरण पर नजर रख सकेंगे।

किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता का पता तुरंत लगाया जा सकेगा।

विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी दोनों बढ़ेंगी।


यह पहल केंद्र एवं राज्य सरकार की पारदर्शिता, ई-गवर्नेंस और जनसहभागिता की सोच को और मजबूती देती है।




पूरे कोरबा जिले में लागू हो रही moderna डिजिटल प्रणाली

कोरबा के सभी जनपद पंचायतों—कोरबा, कटघोरा, पाली एवं करतला—में क्यूआर कोड लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि जिले के हर ग्रामीण तक विकास कार्यों की सही एवं समय पर जानकारी पहुंच सके।

यह प्रणाली आने वाले समय में अन्य योजनाओं के लिए भी एक मॉडल के रूप में उभर सकती है, क्योंकि इससे ग्रामीण विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता का स्तर काफी बढ़ गया है।

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