छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर में भारतीय किसान संघ का जोरदार प्रदर्शन:9 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम हाउस घेराव की कोशिश, पुलिस ने रोका

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छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर में भारतीय किसान संघ का जोरदार प्रदर्शन: 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम हाउस घेराव की कोशिश, पुलिस ने रोका

रायपुर, 14 अक्टूबर 2025 — छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज एक बार फिर किसान आंदोलन का केंद्र बन गई। भारतीय किसान संघ (BKS) ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी में जबरदस्त प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में किसान, विशेष रूप से कवर्धा जिले सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से रायपुर पहुंचे और बूढ़ातालाब स्थित पुराने धरना स्थल पर एकत्र हुए।

किसानों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन जब वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) की ओर घेराव के लिए निकले, तो सप्रे शाला स्कूल के पास भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद किसानों ने सड़क पर ही धरना देकर प्रदर्शन जारी रखा।




प्रदर्शन की मुख्य वजहें और किसानों की मांगें

भारतीय किसान संघ ने राज्य सरकार से निम्नलिखित 9 प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया:

1. हाफ बिजली बिल योजना की बहाली:
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हाफ बिजली बिल योजना को पुनः लागू किया जाए, और कृषि पंपों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाए।


2. धान बोनस का भुगतान:
पूर्ववर्ती सरकार द्वारा घोषित धान बोनस की चौथी किश्त की राशि दीपावली से पहले किसानों को दी जाए।


3. धान समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और खरीदी समय सीमा:
एग्रीस्टैक की विसंगतियों को दूर कर, 3100 रुपए प्रति क्विंटल में समर्थन मूल्य तय किया जाए, जिसमें 186 रुपए की वृद्धि भी जोड़ी जाए। साथ ही धान खरीदी की अवधि 1 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए।


4. धान की तौलाई में पारदर्शिता:
धान की तौलाई में किसानों से 40 किलो 700 ग्राम से अधिक धान न लिया जाए। यह जानकारी सभी समितियों में बैनर के माध्यम से सार्वजनिक की जाए।


5. खाद की कालाबाजारी पर रोक:
सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित कर, इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए।


6. सिंचाई रकबे का विस्तार:
प्रदेश में नहरों के माध्यम से सिंचाई का विस्तार किया जाए ताकि पानी अंतिम गांव तक पहुंचे।


7. दलहन-तिलहन खेती को बढ़ावा:
दलहन और तिलहन की खेती पर 20,000 रुपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाए और रवि सीजन में इनकी खरीदी की जाए।


8. गन्ना फसल को कृषक उन्नति योजना में शामिल करना:
गन्ना फसल को कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए, इसका समर्थन मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए और बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए।


9. जैविक खेती को बढ़ावा:
केंद्र सरकार द्वारा जैविक खेती हेतु दी जा रही अनुदान राशि को जल्द से जल्द छत्तीसगढ़ सरकार किसानों तक पहुंचाए।






शिक्षा मंत्री ने किसानों को मनाने की कोशिश की

प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव किसानों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों पर बातचीत कर कुछ बिंदुओं पर सकारात्मक आश्वासन देने की कोशिश की। हालांकि, किसान नेताओं का कहना है कि मुख्य मांगों पर स्पष्ट और ठोस आश्वासन नहीं मिला, जिससे वे असंतुष्ट हैं।




पुलिस की कड़ी सुरक्षा और रोक-थाम

सीएम हाउस की ओर कूच करते समय पुलिस ने सप्रे शाला के पास बैरिकेडिंग कर किसानों को आगे बढ़ने से रोका। हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। किसान सड़क पर ही बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे, जिससे राजधानी के कुछ हिस्सों में यातायात भी प्रभावित हुआ।




भारतीय किसान संघ का रुख स्पष्ट

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक उनकी मुख्य मांगों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करेंगे।




छत्तीसगढ़ में किसानों का यह प्रदर्शन राज्य की कृषि नीति, बिजली, समर्थन मूल्य और सिंचाई सुविधा जैसी जमीन से जुड़ी समस्याओं को उजागर करता है। दीपावली से ठीक पहले इस प्रकार का बड़ा प्रदर्शन सरकार पर दबाव बढ़ाने का संकेत है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार किसानों की इन मांगों पर क्या कार्रवाई करती है।

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