
रायगढ़: अवैध धान परिवहन पर प्रशासन की ऐतिहासिक कार्रवाई, सात जंगल मार्ग किए गए पूरी तरह सील
रायगढ़। जिले में धान के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने एक निर्णायक और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए बीती रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देशों के बाद घरघोड़ा एसडीएम की अगुवाई में गठित संयुक्त प्रशासनिक टीम ने ओडिशा से छत्तीसगढ़ में धान की अवैध आवक के लिए उपयोग किए जा रहे सात गुप्त जंगल मार्गों को पूरी तरह नष्ट कर बंद कर दिया।
■ लाल चंदन तस्करी की तर्ज पर बने थे जंगल रास्ते
जिन सात रास्तों को प्रशासन ने सील किया, वे घने जंगलों के बीच से निकले बेहद अंदरूनी और दुर्गम मार्ग थे। इन्हें कोचियों ने ठीक उसी तरह तैयार किया था, जैसा अक्सर लाल चंदन या महंगे वन उत्पादों की तस्करी में किया जाता है। इन रास्तों का इस्तेमाल कर ओडिशा से बड़ी मात्रा में अवैध धान ट्रैक्टरों और छोटी गाड़ियों के माध्यम से रायगढ़ जिले में लाया जा रहा था। धान को बाद में विभिन्न स्थानों पर खपाने की तैयारी थी।
■ रातभर चली कार्रवाई, मौके पर पहुंचे अधिकारी
कलेक्टर को गुप्त सूत्रों से धान के बड़े नेटवर्क की सूचना मिली, जिसके बाद देर रात प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने क्षेत्र का जमीनी निरीक्षण कर तत्काल जेसीबी मशीनें बुलवाईं और सातों रास्तों की गहरी खुदाई कर उन्हें पूरी तरह खोदकर बंद करा दिया, ताकि भविष्य में भी इन मार्गों से आवागमन संभव न हो सके।
■ चार अंतरराज्यीय कोची गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान मौके पर उपस्थित चार संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि ये सभी अंतरराज्यीय कोची अवैध धान परिवहन में सक्रिय रूप से शामिल थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने अधिकारियों से विवाद पैदा करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने की भी कोशिश की। प्रशासन ने इनके विरुद्ध भा.द.वि. की धारा 126, 135(3) और 170 के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
■ 28 नवंबर को मिली थी बड़ी सूचना
तहसील तमनार के ग्राम बिजना में 28 नवंबर को ओडिशा से धान लाए जाने की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम घरघोड़ा, तहसीलदार तमनार, थाना प्रभारी तमनार और कृषि विभाग की टीम ने सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन निरीक्षण शुरू किया था। निरीक्षण में यह बात भी सामने आई कि काफी समय से इन्हीं गुप्त रास्तों से धान की लगातार और बड़े पैमाने पर आवाजाही की जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि पूरे नेटवर्क की परतें खुलेंगी और धान तस्करी से जुड़े और नाम सामने आएंगे।
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जिले भर में सख्त निगरानी, 7,579 क्विंटल अवैध धान जब्त
रायगढ़ प्रशासन लगातार धान के अवैध परिवहन और भंडारण पर निगरानी बनाए हुए है। अब तक—
7,579 क्विंटल अवैध धान जब्त
48 प्रकरण दर्ज
दफा 107(6) के तहत 70 कोचियों/बिचौलियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
ये कार्रवाई रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकडेगा जैसी सभी तहसीलों में की गई है।
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कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि—
सीमा क्षेत्रों, गांवों और जंगलों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए,
किसी भी संदिग्ध वाहन या गतिविधि की तुरंत जांच हो,
अवैध व्यापार में शामिल लोगों पर बिना देरी कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीदी के इस महत्वपूर्ण समय में अवैध व्यापार की किसी भी संभावना को समाप्त करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए हर स्तर पर सघन मॉनिटरिंग जारी रहेगी।
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■ प्रशासन की कार्रवाई बनी बड़ा संदेश
जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने और अवैध व्यापार रोकने के लिए यह कदम एक कड़े संदेश के रूप में सामने आया है। प्रशासन की यह अभूतपूर्व कार्रवाई न केवल अवैध परिवहन पर रोक लगाएगी, बल्कि तस्करी में लगे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में भी अहम साबित होगी।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
