
जगदलपुर: बिजली बिल हाफ योजना पर सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा बयान, कहा– “जनता को जल्द मिलेगी राहत”
कांग्रेस ने दिया 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम, नहीं घटी दरें तो दिसंबर में सीएम हाउस का घेराव
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को अपने एक दिवसीय प्रवास पर बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे। यहां मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य की महत्वाकांक्षी ‘बिजली बिल हाफ योजना’ पर बड़ा अपडेट देते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार जनता से किए वादे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बहुत जल्द ठोस कार्रवाई दिखाई देगी।
“जल्द दिखाई देगी राहत, योजना ठंडे बस्ते में नहीं” – मुख्यमंत्री साय
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली बिल हाफ योजना को लेकर विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार हैं और सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ देख रही है।
उन्होंने कहा—
> “यह जनता से किया गया वादा है। इसे ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाएगा। जल्द ही जनता को राहत मिलेगी और विभागीय प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय लिया जाएगा।”
सीएम साय ने संकेत दिए कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के लिए गंभीर है और आगामी दिनों में कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
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कांग्रेस का सरकार को अल्टीमेटम—“30 नवंबर तक बिजली दरें कम करो”
इधर दूसरी ओर, बिजली बिलों में बढ़ोतरी को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने राज्य सरकार को कड़ा संदेश देते हुए 30 नवंबर तक बिजली दरों में कटौती करने की समय-सीमा तय कर दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि:
राज्य में बिजली उत्पादन लागत कम है,
कोयले पर लगा सेस पहले ही समाप्त हो चुका है,
इसके बावजूद जनता को भारी-भरकम बिल चुकाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी है, और कई क्षेत्रों से बढ़े हुए बिलों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
बैज ने चेतावनी देते हुए कहा—
> “यदि 30 नवंबर तक बिजली दरें कम नहीं की गईं तो कांग्रेस दिसंबर के दूसरे सप्ताह में सीएम हाउस का घेराव करेगी।”
कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में आम जनता आर्थिक दबाव में है और सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
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सरकार पर बढ़ता दबाव, जनता की उम्मीदें बढ़ीं
मुख्यमंत्री के बयान से यह साफ हो गया है कि सरकार बिजली बिल हाफ योजना को लेकर गंभीर है। वहीं कांग्रेस के आंदोलन की चेतावनी ने इस मुद्दे पर राजनीतिक गर्माहट बढ़ा दी है।
जनता अब सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रही है—
क्या वास्तव में बिजली बिलों में जल्द राहत मिलेगी?
या फिर यह विवाद दिसंबर में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाएगा?
आने वाले कुछ दिन प्रदेश की बिजली राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
