हैदराबाद मे दर्दनाक लापरवाही, खुले मैनहोल में गिरी बच्ची, मां और  राहगीर की सूझबूझ से बची जान

68c28b466fda1 Girl Fell In Manhole 114136635 16x92933746149816708286 1 1024x576

हैदराबाद में दर्दनाक लापरवाही: खुले मैनहोल में गिरी स्कूली बच्ची, मां और राहगीर की सूझबूझ से बची जान

हैदराबाद, तेलंगाना:
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है, जो नगर निगम की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गई है। शहर के याकुटपुरा क्षेत्र में एक स्कूली छात्रा चलते-चलते अचानक सड़क के बीच खुले मैनहोल में गिर गई। यह पूरा हादसा वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए।

हादसा कैसे हुआ?

घटना सुबह उस वक्त हुई जब एक मां अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए जा रही थी। जैसे ही वे याकुटपुरा की सड़क पर आगे बढ़ीं, बच्ची का पैर अचानक सड़क के बीच बने एक खुले मैनहोल में पड़ गया और वह उसमें गिर गई। बच्ची की मां को जैसे ही इसका अहसास हुआ, वह तुरंत शोर मचाते हुए मैनहोल की तरफ भागीं। मौके पर मौजूद एक राहगीर ने बिना समय गंवाए मदद की, और दोनों की सूझबूझ से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई लापरवाही

इस हादसे की तस्वीरें वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मैनहोल का ढक्कन नदारद था और कोई चेतावनी संकेत या अवरोधक भी नहीं लगाए गए थे। यही वजह है कि राहगीरों को खतरे का अंदेशा भी नहीं हो पाया।

नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि खुले मैनहोल लंबे समय से इलाके में चिंता का विषय बने हुए हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। यदि समय रहते मैनहोल को ढक दिया गया होता या चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते, तो यह हादसा रोका जा सकता था।

बच्ची की हालत स्थिर

खबर लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार बच्ची को मामूली चोटें आई हैं और वह खतरे से बाहर है। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

सवालों के घेरे में नगर प्रशासन

यह घटना एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या हमारे शहरों में आम जनता की सुरक्षा से ज्यादा लापरवाही और सुस्ती को प्राथमिकता दी जा रही है? खुले मैनहोल, टूटी सड़कें, जलजमाव—ये सभी नागरिक समस्याएं आए दिन हादसों को जन्म दे रही हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां केवल बयानबाज़ी तक ही सीमित नजर आती हैं।



हैदराबाद की इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि जब तक नगर प्रशासन जवाबदेह नहीं होगा, तब तक इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। गनीमत रही कि बच्ची की जान बच गई, लेकिन क्या अगली बार भी किस्मत इतनी मेहरबान होगी? अब समय आ गया है कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाए और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।



Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *