
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना और शहरी आवास योजनाओं से जरूरतमंदों को राहत, महिला सशक्तिकरण व सामाजिक विकास की दिशा में ठोस पहल
रायपुर। श्रम विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई, जिससे प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि वितरित
श्रम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पोंड़ीबहार निवासी श्री राजकुमार टेकाम और पुरानी बस्ती निवासी श्रीमती सावित्री सिंह (पति स्व. कर्नल सिंह बैंस) को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वरूप चेक प्रदान किया गया। यह सहायता मृतक और दिव्यांग निर्माण श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस पहल से पीड़ित परिवारों को राहत मिलेगी और वे अपने भविष्य की योजनाओं को साकार कर सकेंगे।
शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
नगरीय प्रशासन विभाग के स्टॉल पर तब्बसुम खातुन और भान कुमारी साहू को प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना के तहत निर्मित आवास की चाबी सौंपी गई, जिससे उनके जीवन में एक नई स्थिरता और आत्मनिर्भरता आई है।
इसके अतिरिक्त, विमलेश यादव और गौरी राजवाड़े को शहरी आवास 2.0 निर्माण हेतु स्वीकृति पत्र, भवन निर्माण का नक्शा एवं भवन अनुज्ञा पत्र प्रदान किए गए। यह प्रयास शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद वर्ग को सशक्त बनाने के साथ-साथ समावेशी और सुनियोजित शहरी विकास को प्रोत्साहित करता है।
महिला सशक्तिकरण, पोषण और संस्कृति संवर्धन को बल
बाल विकास विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री को सीएसआर मद से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत महिलाओं द्वारा उत्पादित घरेलू एवं हस्तशिल्प उत्पादों, महिला सशक्तिकरण, पोषण विकास, युवाओं का कौशल उन्नयन, छत्तीसगढ़ी आर्ट एंड कल्चर डेवलपमेंट, और “मोर जल मोर माटी” जैसे कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
यह पहल राज्य में सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण, और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में सहायक है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही युवाओं को हुनरमंद बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ये कार्यक्रम गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने, आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त पहल हैं। इससे न केवल लाभार्थियों को सीधा लाभ मिला है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और स्थायी विकास की ओर एक बड़ा कदम भी सिद्ध हो रहा है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
