
तिल्दा-नेवरा: 12 दिन से लापता किशोर का शव संदिग्ध हालत में मिला, हत्या की आशंका से गांव में फैली सनसनी
तिल्दा-नेवरा, ग्राम कोटा (छत्तीसगढ़): ग्राम कोटा के सतनामी पारा निवासी 14 वर्षीय समीर मधुकर, जो बीते 12 दिनों से लापता था, उसका शव शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थिति में मिला। शव की हालत को देखकर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।


घटना का खुलासा इस तरह हुआ
शनिवार की सुबह ग्राम कोटा का एक व्यक्ति रोज की तरह नहाने के लिए पास के पैठु तालाब गया था। तालाब के पास स्थित परिया (खेत) से गुजरते समय उसकी नजर झाड़ियों के बीच किसी संदिग्ध चीज पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसे वहां एक बालक का शव घास और झाड़ियों से ढका हुआ मिला, जिसके ऊपर एक बड़ी सीमेंट की पटिया भी रखी गई थी।

व्यक्ति ने तुरंत ग्राम सरपंच को सूचित किया। सरपंच के मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने तिल्दा-नेवरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान समीर मधुकर (उम्र 14 वर्ष), निवासी ग्राम कोटा, सतनामी पारा के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि समीर 28 अगस्त की रात लगभग 9 बजे घर से यह कहकर निकला था कि वह पास की दुकान से गुटखा लेकर आएगा। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजन और ग्रामीणों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

आज जब शव मिला, तो उसके ऊपर घास और झाड़ियों का ढेर था, और पास में रखी हुई सीमेंट की चौड़ी पटिया से शव आंशिक रूप से दबा हुआ था। शव की हालत को देखकर ग्रामीणों को गहरी आशंका है कि समीर की हत्या की गई है और उसके शव को छुपाने की कोशिश की गई है।
ग्रामीणों में आक्रोश और न्याय की मांग
घटना से पूरे ग्राम कोटा और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। गांव में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कई लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद समीर की जान बच सकती थी।

परिजनों ने समीर के अपहरण और हत्या की आशंका पहले ही जताई थी, लेकिन अब शव मिलने के बाद यह आशंका और भी गहरा गई है। ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का बयान
तिल्दा-नेवरा पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस का कहना है कि वे सभी एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

निष्कर्ष
समीर मधुकर की संदिग्ध मौत ने क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर समीर को न्याय दिलाया जाएगा।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
