
रायपुर में भगवान गणेश की ‘एआई प्रतिमा’ पर बवाल: धार्मिक भावनाएं आहत, FIR दर्ज
रायपुर, 5 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में गणेश उत्सव के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। भगवान गणेश की पारंपरिक प्रतिमा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कार्टून तकनीक से तैयार करने को लेकर धार्मिक संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस मुद्दे पर रायपुर में पहली आधिकारिक कार्रवाई हुई है, जहां आजाद चौक थाना पुलिस ने एक गणेश समिति के खिलाफ धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
शिकायत के अनुसार, रायपुर के एक पंडाल में भगवान गणेश की परंपरागत प्रतिमा के स्थान पर बदले हुए स्वरूप में एक प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसे कथित रूप से एआई तकनीक और डिजिटली संपादित कार्टून शैली में तैयार किया गया था। इसके साथ ही, पंडाल में अश्लील हिंदी गीतों को भी बजाया गया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भावनाएं आहत हुईं।
इस मामले में राम भक्त सेना के प्रवक्ता खेमसागर हियाल ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्य न केवल धार्मिक आस्था का अपमान है, बल्कि सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने की कोशिश भी है।
> “गणेश जी को देवताओं में प्रथम माना जाता है, उनके स्वरूप के साथ इस तरह की छेड़छाड़ और पंडाल में अश्लील गानों का बजना पूरी तरह से अस्वीकार्य है,” — खेमसागर हियाल, प्रवक्ता, राम भक्त सेना
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद आजाद चौक थाना पुलिस ने संबंधित समिति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 299 (किसी धर्म या धार्मिक भावना का अपमान करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।
गणेश प्रतिमाओं में ‘नवाचार’ या ‘अपमान’?
हर साल गणेश उत्सव में पंडालों में विविध थीम और नवाचार देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार एआई तकनीक से बनी गणेश प्रतिमा और कार्टून जैसे रूप ने धार्मिक संगठनों की नाराज़गी को बढ़ा दिया है। कई लोग इसे आधुनिक कला का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं धार्मिक संगठनों का तर्क है कि देवताओं के स्वरूप के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

FIR दर्ज एवं शिकायत की जानकारी
रायपुर के लाखे नगर में सिंधु एकता गणेश युवा समिति द्वारा AI तकनीक से डिज़ाइन की गई कार्टून स्वरूप की गणेश प्रतिमा स्थापित करने और पंडाल में अश्लील हिंदी गाना बजाये जाने को लेकर राम भक्त सेना के प्रवक्ता खेमसागर हियाल ने लिखित शिकायत दर्ज करवाई। इस आधार पर आजाद चौक पुलिस स्टेशन में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में धारा 299 (बीएनएस) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस समिति के संचालकों की पहचान कर रही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सामाजिक प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया स्वरूप कार्रवाई
हिंदू संगठनों (जैसे राम भक्त सेना, बजरंग दल) और संत समाज ने मूर्ति की AI/कार्टून डिज़ाइन और अश्लील गीत पर गहरी आपत्ति जताई। प्रदर्शन के दौरान पंडाल की लाइट बंद कर दी गई और मूर्ति को रात में ढक दिया गया। दिखाने में उत्पन्न विरोध की वजह से यह कार्रवाई की गई। संगठनों ने एसपी ऑफिस में ज्ञापन जमा करके मांग की कि ऐसी प्रतिमाओं का तुरंत विसर्जन कराया जाए और आयोजकों तथा मूर्तिकारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मूर्ति की पृष्ठभूमि और तकनीकी विशेषता
इस वर्ष पहली बार AI‑डिज़ाइन की गई गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें गणेश जी की पलकें खुलती-बंद होती हैं, जो तकनीकी दृष्टि से आकर्षक और अनूठी थी। इस प्रतिमा पर खर्च लगभग 4 लाख रुपए बताया गया है, थीम में शंकर–पार्वती का समावेश है और इसे दो महीने में बनाने का दावा किया गया है। आयोजकों का कहना है कि पूजा के लिए छोटे, पारंपरिक गणेश की भी स्थापना की गई है और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जा रही है
पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि वह सभी पक्षों से बात करके निष्पक्ष जांच करेगी। वहीं, गणेश उत्सव समितियों को अब अधिक सजग और जिम्मेदार रहने की जरूरत है, ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों और पर्व की मर्यादा बनी रहे।
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निष्कर्ष:
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक प्रतीकों और भावनाओं के साथ रचनात्मकता की सीमा क्या होनी चाहिए। समाज को एक संतुलन बनाना होगा, जहां परंपरा और नवाचार दोनों का सम्मान हो — बिना किसी की आस्था को चोट पहुंचाए।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
