
भारत के पहले ISS गगनयात्री श्री शुभांशु शुक्ला से सीधा संवाद: बच्चों के लिए प्रेरणास्पद कार्यक्रम
रायपुर, छत्तीसगढ़ | 05 सितम्बर 2025 (शुक्रवार)
छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से IDYM Foundation — जो कि ISRO द्वारा पंजीकृत ‘Space Tutor’ है — एक अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक ऑनलाइन संवाद सत्र का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन उन छात्रों और युवा विज्ञान प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान और भारत की बढ़ती अंतरिक्ष यात्रा में रुचि रखते हैं।

इस विशेष सत्र में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में जाने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री एवं गगनयात्री श्री शुभांशु शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। वे न केवल अंतरिक्ष में बिताए गए अपने अनुभव साझा करेंगे, बल्कि युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेंगे।

कार्यक्रम की जानकारी:
📅 तिथि: 05 सितम्बर 2025 (शुक्रवार)
🕥 समय: प्रातः 10:30 बजे के बाद
🌐 प्लेटफॉर्म:
🔹 Google Meet Link: https://meet.google.com/swy-ssqh-omx
🔹 YouTube Live Link: https://youtube.com/live/3nCKG5OLg84?feature=share
🛑 महत्वपूर्ण सूचना: सभी स्कूलों एवं प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे कार्यक्रम शुरू होने के 30 मिनट पूर्व जुड़ें, ताकि तकनीकी सेटअप और सहभागिता में कोई व्यवधान न हो।
—
शुभांशु शुक्ला: भारत की नई अंतरिक्ष क्रांति का चेहरा
शुभांशु शुक्ला न केवल भारत के लिए गर्व का विषय हैं, बल्कि आज के युवाओं के लिए “कल्पना चावला और राकेश शर्मा की परंपरा” को आगे बढ़ाने वाले एक नवीन नायक हैं। उनका अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में सफल यात्रा करना भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय है।


IDYM Foundation के इस प्रयास का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना और उन्हें वास्तविक जीवन के अंतरिक्ष नायकों से जोड़कर एक नई ऊर्जा और दृष्टिकोण प्रदान करना है।
—
IDYM Foundation की भूमिका:
IDYM Foundation, जो कि ISRO द्वारा मान्यता प्राप्त Space Tutor है, वर्षों से अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में छात्रों के बीच शिक्षा और जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है। यह सत्र ‘@antarikshgyanabhiyaan’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान को स्कूल स्तर पर लोकप्रिय बनाना और प्रतिभाशाली छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में मार्गदर्शन देना है।

निष्कर्ष:
इस संवाद सत्र के माध्यम से छात्र सीधे एक अंतरिक्ष यात्री से बातचीत कर सकेंगे, उनके अनुभवों से सीख सकेंगे और भारत के अंतरिक्ष मिशनों के भीतर की रोचक जानकारियों को जान पाएंगे। निश्चित रूप से यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के जीवन में एक अमूल्य अनुभव साबित होगा।
—
📢 इस ऐतिहासिक संवाद सत्र को न चूकें!
👉 जुड़ें 05 सितम्बर को Google Meet या YouTube पर, और बनें भारत की अंतरिक्ष यात्रा का हिस्सा!
—
रिपोर्ट: [तिल्दा टाइम्स CG न्यूज ]
स्रोत: IDYM Foundation (@antarikshgyanabhiyaan)


Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
