राजनांदगांव में ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का सफल आयोजन, महिलाओं में आत्मनिर्भरता की जगी नई चेतना

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राजनांदगांव में ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का सफल आयोजन, महिलाओं में आत्मनिर्भरता की जगी नई चेतना
📍 रिपोर्ट: तिल्दा टाइम्स CG  न्यूज़ | दिनांक: 02 सितम्बर 2025 | स्थान: राजनांदगांव, छत्तीसगढ़

राजनांदगांव जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत एक सराहनीय पहल करते हुए ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला पंचायत सभाकक्ष के साथ-साथ जिले के सभी जनपद पंचायत मुख्यालयों एवं सीएलएफ (महिला संकुल संगठन) केंद्रों में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान ‘बिहान’ के तहत स्वसहायता समूह की उन महिलाओं की आवाज प्रसारित की गई, जिन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में मिसाल कायम की है। इन महिलाओं ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह ‘बिहान’ योजना ने उनके जीवन को सकारात्मक रूप से बदला।

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🔹 महिलाओं में दिखा विशेष उत्साह

कार्यक्रम में जनपद पंचायत, संकुल संगठनों और ग्राम संगठनों के स्तर पर बड़ी संख्या में स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। विशेष बात यह रही कि महिलाएं अपने ही समुदाय की किसी दीदी की कहानी को रेडियो पर सुनकर अत्यंत प्रेरित हुईं। कार्यक्रम ने न केवल उन्हें सुनने का अवसर दिया, बल्कि आत्मविश्वास से भर दिया कि वे भी कुछ कर सकती हैं।

🔹 स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम में कई गणमान्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी शिरकत की। राजनांदगांव जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। जनपद पंचायत डोंगरगांव में कार्यक्रम के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता पड़ौती, जनपद सभापति श्रीमती रेशमा साहू, विकासखंड परियोजना अधिकारी श्री देवेन्द्र, क्षेत्रीय समन्वयक श्रीमती चंचल देवी, जनपद सदस्य श्री दुष्यंत धनकर तथा सीईओ जनपद पंचायत श्री मनीष साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

डोंगरगढ़, डोंगरगांव और छुरिया जनपद पंचायतों में भी कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया, जहां महतारी आजीविका संकुल संगठन की महिलाओं और स्वयं सहायता समूह की सदस्याओं की सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली।

🔹 आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम, महिलाओं के बीच आत्मविश्वास, प्रेरणा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के माध्यम से सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि ग्रामीण महिलाओं की भूमिका केवल घरेलू दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि वे आर्थिक और सामाजिक बदलाव की सशक्त वाहक बन सकती हैं।

इस कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं की सफल कहानियां, न केवल अन्य महिलाओं को प्रेरित करेंगी, बल्कि ग्रामीण समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होंगी।




📌 विशेष रिपोर्ट | न्यूज़ पोर्टल टीम, राजनांदगांव

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