
तिल्दा-नेवरा। थाना तिल्दा नेवरा पुलिस ने शनिवार को अवैध शराब बिक्री के मामले में बड़ी कार्यवाही करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुनील देवार उर्फ दादू (21 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 15, दलाल तालाब तिल्दा, को 80 पौवा देशी मसाला शराब (कीमत लगभग 8,000 रुपए) के साथ दबोचा गया। पुलिस ने आरोपी को धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है।
पुलिस की कार्यवाही
मुखबिर की सूचना पर बगदई मंदिर के पास सरोरा मेन रोड किनारे रेड की गई, जहाँ आरोपी ग्राहकों की तलाश में शराब बेचने की फिराक में खड़ा था। मौके से प्लास्टिक बोरी में रखी शराब जब्त कर ली गई।
यह कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक (विधानसभा) वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकान्त तिवारी के नेतृत्व में की गई।
बड़ा सवाल – शराब आखिर आई कहाँ से?
इस कार्यवाही ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है – एक सामान्य युवक के पास 80 पौवा शराब पहुँची कैसे?
नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को लिमिट से अधिक शराब खरीदने का अधिकार नहीं है। ऐसे में यह साफ है कि आरोपी को यह शराब किसी अधिकृत शराब दुकान या अवैध सप्लायर से मिली होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध बिक्री पर अंकुश लगाना है तो सिर्फ आरोपी पकड़ने से नहीं, बल्कि उस शराब दुकान वाले ऊपर कार्यवाही होना चाहिए जो आरोपी को इतनी मात्रा में शराब वितरण करते हैं। उनके ऊपर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए, जहाँ से इतनी मात्रा में शराब दी गई। यदि दुकानदारों पर जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तो भविष्य में भी इसी तरह नियम तोड़कर लिमिट से ज्यादा शराब बेची जाती रहेगी।
निजात अभियान पर सवाल
राज्य सरकार व पुलिस द्वारा नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे “निजात अभियान” के बीच यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर शराब बिक्री पर अब भी ठोस नियंत्रण नहीं हो पाया है। जनता का कहना है कि जब तक शराब दुकानदारों और सप्लायर्स पर सख्त कार्यवाही नहीं होगी, तब तक अवैध शराब कारोबार पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
