
पति की लंबी उम्र के लिए रखा था व्रत, उसी ने ले ली जान: अभनपुर में दिल दहला देने वाली वारदात
अभनपुर, 29 अगस्त 2025 –
छत्तीसगढ़ के अभनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम टोकरो में दिल को झकझोर देने वाली एक वारदात सामने आई है। एक महिला, जिसने अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए हरियाली तीज का व्रत रखा था, उसी पति ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली और ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और दहेज जैसी कुरीतियों को उजागर करती है।
व्रत के बाद मायके से बुलाया, फिर किया खूनी खेल
मृतका की पहचान प्रियंका सेन (32) के रूप में हुई है, जो तीज पर्व मनाने अपने मायके गई हुई थी। उन्होंने निर्जला उपवास रखते हुए अपने पति मुकेश सेन की दीर्घायु की कामना की थी। लेकिन किसी को क्या पता था कि यही पति उनकी मौत का कारण बनेगा।
पति मुकेश सेन, तीज के अगले ही दिन पत्नी को मायके से यह कहकर लाया कि उसके पिता उन्हें घर से निकालना चाहते हैं और वह डर के माहौल में जी रहा है। “अगर हम दोनों साथ रहेंगे तो कोई कुछ नहीं कर पाएगा,” ऐसा कहकर उसने प्रियंका के माता-पिता को भरोसा दिलाया और उसे साथ ले आया।
हत्या के पीछे ‘चरित्र शंका’ या कुछ और?
पुलिस के अनुसार, आरोपी मुकेश सेन ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। उसने कहा कि प्रियंका का किसी अन्य पुरुष के साथ संबंध होने का उसे संदेह था, जिसके चलते उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। घटना की रात दोनों के बीच इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई, जिसके बाद मुकेश ने कमरे में पहले से रखी लोहे की रॉड से प्रियंका के सिर पर हमला कर दिया।
प्रियंका को गंभीर अवस्था में रात में ही अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दहेज प्रताड़ना का आरोप, परिवार की गिरफ्तारी की मांग
मृतका के परिजनों ने पति मुकेश ही नहीं, बल्कि पूरे ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, प्रियंका को शादी के बाद से ही दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। बीते वर्षों में दो बार वह मायके लौट आई थी, लेकिन सामाजिक दबाव और पंचायत की मध्यस्थता के चलते उसे वापस ससुराल भेजा गया।
परिजनों ने यह भी कहा कि यह हत्या केवल चरित्र संदेह का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या है। उनका कहना है कि आरोपी ने पहले से हत्या की योजना बनाई थी और उसे तीज के व्रत के तुरंत बाद मायके से लाकर अंजाम दिया।
10 साल की शादी, दो मासूम बच्चे
प्रियंका और मुकेश की शादी को 10 साल हो चुके थे। इस दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं, जो अब मां की ममता और पिता की दरिंदगी के बीच अनाथ से हो गए हैं। यह घटना न केवल पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।
पुलिस कर रही है गहन जांच, हत्या का मामला दर्ज
अभनपुर पुलिस ने आरोपी पति मुकेश सेन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस अपराध में अन्य पारिवारिक सदस्य भी शामिल थे, और यदि हां, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की मांग, आरोपी को फांसी देने की अपील
मृतका के परिजन और ग्रामीण जन आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह हत्या समाज की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है जहां महिलाएं आज भी दहेज और चरित्र के नाम पर प्रताड़ित और मारी जा रही हैं।
परिजनों ने यह भी मांग की है कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि व्रत, त्यौहार और विश्वास केवल महिलाओं के कंधों पर क्यों हैं, और जब वह अपने पूरे समर्पण से निभाती हैं, तो उन्हें बदले में संदेह, हिंसा और मृत्यु क्यों मिलती है?
समाज को अब चेतने की आवश्यकता है। केवल कानून नहीं, मानसिकता बदलनी होगी। वर्ना हर प्रियंका की कुर्बानी बेकार जाती रहेगी।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
