
तिल्दा टाईम्स CG न्यूज संवाददाता
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस का ‘बिजली न्याय आंदोलन’, सरकार पर लगाया जनविरोधी नीति का आरोप
रायपुर,तिल्दा नेवरा, 18 जुलाई – छत्तीसगढ़ में घरेलू और कृषि विद्युत दरों में भारी वृद्धि किए जाने के बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 25 पैसे प्रति यूनिट और किसानों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से आम जनता और विशेष रूप से किसान वर्ग को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में हाल ही में घोषित बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिल्दा-नेवरा के नेतृत्व में आज स्थानीय बिजली कार्यालय का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और अब बिजली के बोझ से त्रस्त आम जनता की पीड़ा को सड़कों पर लाकर प्रदेश सरकार को घेरने का काम किया।

छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग द्वारा 2025-26 के लिए घोषित नई दरों से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट तक की दर ₹3.75 से बढ़कर ₹4.25 प्रति यूनिट कर दी गई है।100 से 300 यूनिट तक की खपत पर अब ₹5.20 की जगह ₹6.10 प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा। वहीं 300 यूनिट से ऊपर की खपत पर दरें ₹6.75 से बढ़कर ₹7.50 हो गई हैं। इस प्रकार औसतन एक मध्यमवर्गीय परिवार को मासिक ₹200 से ₹500 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है, जिससे लोगों का बजट बिगड़ गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी और अन्यायपूर्ण करार दिया है। उन्होंने मांग की है कि बिजली दरों में की गई यह वृद्धि तुरंत वापस ली जाए। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर ‘बिजली न्याय आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की है।
कांग्रेस के अनुसार, यह आंदोलन प्रदेश भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया जाएगा। आंदोलन का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाकर बिजली दरों को पूर्ववत कराना और आम जनता को राहत दिलाना है।
इस आंदोलन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें पूर्व पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व विधायक जनक राम वर्मा, तिल्दा शहर अध्यक्ष देवादास टंडन, ग्रामीण अध्यक्ष बलदाऊ साहू, पार्षद नानक छाबड़िया, सोनू मारकंडे, मोती हिन्दुजा, सुनील सोनी, प्रकाश मेघानी, अमजद खान, गजानंद वर्मा, जीतेन्द्र ध्रुव, जितेंद्र सेन, देवेंद्र वर्मा, अनुप रवानी, डिगेश्वर वर्मा, होले राम पोरते, मन्नू गिलानी, माखन साहू, कैलास गांधी, अजितेश शर्मा, हरी मारकंडे सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने अपनी निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
