बिलासपुर: हाईकोर्ट से अमित बघेल को बड़ी राहत, 3 माह की अंतरिम जमानत मंजूर

Image Editor Output Image 1962808275 17757496053213683994886897142453


रायपुर: हाईकोर्ट से अमित बघेल को बड़ी राहत, 3 माह की अंतरिम जमानत मंजूर

जिले से बाहर रहने की शर्त, केवल अदालत में पेशी के लिए ही रायपुर आने की अनुमति



छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल को बड़ी राहत देते हुए 3 माह की अंतरिम जमानत प्रदान की है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।


सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत की अवधि में अमित बघेल रायपुर जिले की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास नहीं करेंगे। हालांकि, उन्हें अधीनस्थ न्यायालय में निर्धारित तिथियों पर पेशी के लिए रायपुर आने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, उन्हें जमानत की शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को अंतरिम राहत दी जानी चाहिए। वहीं आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुनील ओटवानी ने जमानत का विरोध किया। राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने भी अपना पक्ष प्रस्तुत किया।


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए अंतरिम जमानत मंजूर की, साथ ही सख्त शर्तें भी लागू कीं।


कानूनी विशेषज्ञों की राय:


कानूनी जानकारों के अनुसार, इस तरह की अंतरिम जमानत आमतौर पर उन परिस्थितियों में दी जाती है, जब अदालत को लगता है कि आरोपी को अस्थायी राहत दी जा सकती है, लेकिन साथ ही जांच या न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।


आगे की प्रक्रिया:


मामले की अगली सुनवाई अधीनस्थ न्यायालय में निर्धारित तिथि पर होगी, जहां अमित बघेल को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उनकी नियमित जमानत या अन्य कानूनी स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा।


यह मामला प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और आने वाले समय में इसकी सुनवाई पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *