
कोरबा में जंगली हाथी का हमला: मंडी फड़ प्रभारी की मौके पर मौत, क्षेत्र में दहशत
कोरबा। जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। देर रात जंगली हाथी के हमले में एक दैनिक वेतनभोगी मंडी फड़ प्रभारी की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि यह घटना उपार्जन केंद्र कुदमुरा समिति, जिला कोरबा में हुई, जहां ड्यूटी के दौरान जंगली हाथी ने मंडी फड़ प्रभारी पर हमला कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेश कुमार सिंह राजपूत (45 वर्ष), पिता स्व. शशि सिंह, कुदमुरा उपार्जन केंद्र में मंडी में फड़ प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। वे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात लगभग 2 बजे वे ड्यूटी पर मौजूद थे और उपार्जन केंद्र परिसर में ही थे।

इसी दौरान जंगल से भटककर आया एक जंगली हाथी अचानक उपार्जन केंद्र के पास पहुंच गया। इससे पहले कि राजेश कुमार सिंह कुछ समझ पाते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने उन्हें उठाकर पटक दिया और कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग और प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। टीम ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि भोजन की तलाश में हाथी जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र की ओर आ गया था। फिलहाल विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है।

घटना के बाद कुदमुरा और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात के समय बाहर न निकलने और सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही हाथी के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए टीम को तैनात किया गया है।
इधर, इस दर्दनाक घटना से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि प्रशासन और वन विभाग की ओर से घटना की जांच की जा रही है तथा वन्यजीव प्रबंधन की दृष्टि से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
