
खरोरा के पीएम श्री भरत देवांगन हाईस्कूल में पेड़ों की कटाई पर विवाद, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने की शिकायत
खरोरा, रायपुर (छत्तीसगढ़)। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा ने नगर स्थित पीएम श्री भरत देवांगन हाईस्कूल परिसर में कथित रूप से पेड़ों की कटाई किए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए तहसीलदार, तहसील कार्यालय खरोरा को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 15 से 20 वर्ष पूर्व जनप्रतिनिधियों, स्कूल स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं द्वारा सागौन, खैर सहित विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों का वृक्षारोपण किया गया था। समय के साथ ये पेड़ बड़े और घने हो चुके थे तथा विद्यालय परिसर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ छांया और ऑक्सीजन का महत्वपूर्ण स्रोत बने हुए थे।
बिना अनुमति कटाई का आरोप
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि हाल ही में शाला विकास समिति द्वारा इन पेड़ों की कटाई कर दी गई, जबकि इसके लिए न तो वन विभाग और न ही शिक्षा विभाग से पूर्व अनुमति ली गई। ज्ञापन में इसे नियमों के विपरीत बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई गई है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि एक ओर सरकार “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूल परिसर में पेड़ों की कटाई होना बेहद चिंताजनक है।
कार्रवाई और जानकारी की मांग
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा ने पेड़ों की कटाई की घोर निंदा करते हुए संबंधित समिति एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी का क्या किया गया और वे वर्तमान में कहां हैं। संगठन ने कहा कि इसकी जानकारी तहसील, वन और शिक्षा विभाग के अभिलेखों में होना चाहिए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ब्लॉक कांग्रेस खरोरा द्वारा तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा के अध्यक्ष अश्वनी वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी एवं पार्षद डॉ. सुरेंद्र गिलहरे, पूर्व उपाध्यक्ष नगर पंचायत पन्ना देवांगन, पूर्व पार्षद कपिल नशीने, ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय प्रभारी धनेश वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस मीडिया प्रभारी भानुप्रताप भट्ट, छाया पार्षद वार्ड 07 छबिला सेन, परमेश्वर नायक सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
