
कुसमी | देवरी मंडी सहित आसपास के गांवों के किसानों ने सोमवार को कुसमी तहसील मुख्यालय पहुँचकर अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। देवरी मंडी के अलावा करौंधा, हंसहुपर, प्रेमनगर एवं नवाटोली क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान अपनी विभिन्न परेशानियों को लेकर अनुविभागीय तहसीलदार कुसमी से मिले और मौखिक रूप से अपनी पीड़ा साझा की।

किसानों ने बताया कि वर्तमान में मंडी में लागू टोकन व्यवस्था एवं लिमिट निर्धारण के कारण उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन मिलने में देरी, निर्धारित लिमिट के कारण फसल की बिक्री समय पर न हो पाना तथा बार-बार मंडी और विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने जैसी समस्याओं से किसान खासे परेशान हैं। किसानों का कहना है कि इन अव्यवस्थाओं के चलते न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
किसानों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए अनुविभागीय तहसीलदार कुसमी ने उन्हें आश्वस्त किया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लिमिट निर्धारण और टोकन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को प्रशासन के संज्ञान में लिया गया है और शीघ्र ही समाधान निकालने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने किसानों को विभाग से निरंतर संपर्क में रहने की सलाह भी दी, ताकि समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके।
इस अवसर पर किसानों के समर्थन में आदिवासी नेता एवं नगर अध्यक्ष कुसमी राजेंद्र प्रसाद भगत भी तहसील प्रांगण पहुँचे। उन्होंने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अनुविभागीय प्रशासन से आग्रह किया कि किसानों की दिक्कतों का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राजेंद्र प्रसाद भगत ने कहा कि वे किसानों के दर्द को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि समय रहते विभागीय स्तर पर निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों की परेशानियाँ और बढ़ सकती हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेकर किसानों को राहत प्रदान करे, ताकि मंडी व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
तहसील परिसर में हुई इस मुलाकात के दौरान देवरी मंडी सहित आसपास के गांवों के कई किसान उपस्थित रहे। सभी किसानों ने प्रशासन से उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और मंडी से जुड़े कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
