
नववर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना
रायपुर, 1 जनवरी 2026।
नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन भोरमदेव मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। नववर्ष के प्रथम दिवस पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय एवं केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने मंदिर के गर्भगृह में भगवान भोरमदेव का अभिषेक, आरती एवं मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश के निरंतर विकास, सामाजिक समरसता और जनता के जीवन में खुशहाली की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के उपरांत दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “भोरमदेव मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। नववर्ष की शुरुआत ऐसे पावन स्थल पर पूजा-अर्चना कर करना अत्यंत सौभाग्य की बात है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि प्रदेश निरंतर प्रगति करे और हर नागरिक सुखी व समृद्ध रहे।”
वहीं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक एवं स्थापत्य महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंदिर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पूजा-अर्चना कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कवर्धा विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे।
नववर्ष के अवसर पर भोरमदेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और जयकारों से मंदिर गूंज उठा। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना के संग नववर्ष का यह शुभारंभ प्रदेशवासियों के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आया।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
