
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया कॉफी टेबल बुक का विमोचन, 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का शुभारंभ
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के दो वर्ष पूर्ण, छत्तीसगढ़ ने रचा नया कीर्तिमान
रायपुर, 14 दिसंबर 2025।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह निर्णय प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति से संबंधित था, जिसने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आवास निर्माण को नई गति प्रदान की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़े कई महत्वपूर्ण हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

हितग्राहियों को मिला सीधा लाभ
कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी निर्माण हेतु स्वीकृति पत्र सौंपे गए। यह पहल सामाजिक पुनर्वास, मुख्यधारा से जुड़ाव और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
इस गरिमामयी अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय उपलब्धि
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की तीव्र गति, प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाती है।
विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, जो शासन की प्रतिबद्धता और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को प्रमाणित करता है।
योजना की विशेषताएं
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
योजना के अंतर्गत:
प्रति आवास 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता
मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12,000 रुपये शौचालय निर्माण हेतु
प्रदान किए जाते हैं, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा सुनिश्चित हो सके।
मोर गांव–मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत आजीविका डबरी
मनरेगा के अंतर्गत “मोर गांव–मोर पानी महाअभियान” के तहत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा रहा है। ये डबरियां पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर बनाई जाएंगी, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी शामिल हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया संबल
आजीविका डबरी परियोजना से:
जल संरक्षण एवं जल संवर्धन
सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि
मत्स्य पालन, बत्तख पालन
वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन
जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
समावेशी और सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से छत्तीसगढ़ सरकार आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है। यह पहल प्रदेश को समावेशी, आत्मनिर्भर और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
