धान खरीदी में बड़ा घोटाला: 28.52 लाख की हेराफेरी, कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार

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धान खरीदी में बड़ा घोटाला: 28.52 लाख की हेराफेरी, कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार

बिलासपुर।
थाना मस्तुरी क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित के धान खरीदी केंद्र एरमसाही में धान खरीदी के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता और हेराफेरी का मामला सामने आया है। बिलासपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी के आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस मामले से शासन की धान उपार्जन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, मस्तुरी (बिलासपुर) द्वारा थाना मस्तुरी में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 के दौरान धान खरीदी कार्य में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं, जिससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।

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शिकायत के आधार पर गठित संयुक्त जांच दल द्वारा जब धान खरीदी केंद्र एरमसाही का भौतिक सत्यापन किया गया, तो मौके पर 920 क्विंटल धान कम पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि रिकॉर्ड में दर्ज धान की मात्रा और वास्तविक उपलब्ध धान में बड़ा अंतर है।

फर्जी एंट्री कर किया गया घोटाला
जांच के दौरान सामने आया कि धान खरीदी केंद्र एरमसाही में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर कांशीराम खुटे द्वारा जानबूझकर फर्जी धान खरीदी की प्रविष्टियां की गईं। इन फर्जी रिकॉर्ड्स के माध्यम से शासन को कुल 28 लाख 52 हजार रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। यह कृत्य शासन की धान उपार्जन नीति का खुला उल्लंघन पाया गया है।

अपराध पंजीबद्ध, आरोपी ने किया जुर्म स्वीकार
मामले में थाना मस्तुरी में अपराध क्रमांक 821/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी कांशीराम खुटे पिता अंजोरी खुटे, उम्र 31 वर्ष, निवासी एरमसाही को उसके निवास से हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार कर लिया।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी को 16 दिसंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि इस घोटाले में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।

धान खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सहकारी समितियों में धान खरीदी की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और तकनीकी जांच व्यवस्था लागू की जाएगी।

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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