तिल्दा पुलिस का एक्सन एनडीपीएस में गिरफ्तारी, लेकिन तिल्दा शहर में सट्टा कारोबार बेखौफ़ जारी,

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तिल्दा पुलिस की बड़ी कार्रवाई—एनडीपीएस में गिरफ्तारी, लेकिन शहर में सट्टा कारोबार बेखौफ़ जारी!
तिल्दा–नेवरा/रायपुर




🔹 ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत गांजा तस्कर गिरफ्तार

तिल्दा नेवरा थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। 02 दिसंबर 2025 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तिल्दा–सिमगा मार्ग में चलित नाकेबंदी लगाकर एक युवक को गांजा परिवहन के आरोप में गिरफ्तार किया।

पुलिस ने अपाचे मोटरसाइकिल (CG 04 NZ 9660) से जा रहे संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी में उसके पास से 2 किलो 770 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाज़ार कीमत लगभग ₹45,000 आंकी गई है।
घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की अनुमानित कीमत ₹90,000 बताते हुए पुलिस ने कुल ₹1,35,000 मूल्य का मशरूका जप्त किया है।

🔸 गिरफ्तार आरोपी

नाम: गोलू देवार

पिता: ननकु दाउ देवार

उम्र: 25 वर्ष

पता: वार्ड 15, तिल्दा नेवरा


पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 539/2025, धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

🔸 कार्रवाई किसके निर्देशन में हुई

यह कार्रवाई—

एसएसपी रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह,

एएसपी (ग्रामीण) कीर्तन राठौर,

सीएसपी (विधानसभा) वीरेन्द्र चतुर्वेदी


—के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी एवं उनकी टीम द्वारा की गई।




**⚠️ लेकिन… तिल्दा में सट्टा का अवैध कारोबार अब भी बेखौफ़!

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल**

जहां एक ओर पुलिस नशे और आपराधिक गतिविधियों पर सक्रियता दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर तिल्दा–सिमगा रेलवे फाटक के आसपास चल रहे कथित सट्टा कारोबार को लेकर लोग नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने यह आरोप लगाया है कि—

सट्टा का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है,

लोकल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही,

कुछ लोगों का कहना है कि इस कारोबार को किसी “सुरक्षा” या “संरक्षण” का लाभ मिल रहा होगा,

कई नागरिकों ने यह भी सवाल उठाए कि क्या इस गतिविधि के पीछे प्रभावशाली लोगों की पैरवी या प्रोटेक्शन है?


(स्पष्ट रहे—ये आरोप नागरिकों के हैं, जिनकी पुष्टि प्रशासन द्वारा करना बाकी है।)




🔹 क्षेत्रवासियों की नाराज़गी

शहरवासियों ने पूछा है—

> “जब पुलिस नशे के खिलाफ बड़ी-बड़ी कार्रवाई कर रही है,
तो तिल्दा में खुलेआम चल रहे सट्टा कारोबार पर कार्रवाई कब होगी?”



लोगों का कहना है कि सट्टा जैसे अवैध गतिविधि से—

युवाओं में अपराध बढ़ रहा है,

आर्थिक नुकसान हो रहा है,

और समाज में अनैतिक माहौल फैल रहा है।





🔹 नागरिकों की मांग

तिल्दा के नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि—

सट्टा व्यवसाय की जांच हो,

जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए,

और क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।





निष्कर्ष

एनडीपीएस के मामलों में तिल्दा पुलिस लगातार सफलता हासिल कर रही है, परंतु स्थानीय स्तर पर सट्टा कारोबार के मुद्दे ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले को कितनी प्राथमिकता देते हैं और कब कार्रवाई करते हैं।

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