
सारंगढ़-बिलाईगढ़ // पत्रकारिता के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से दर्ज होने लायक दिन— सारंगढ़-बिलाईगढ़ की धरती पत्रकारिता के जोश, उत्साह और गौरव से सराबोर नजर आई। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा प्रकाशित वर्ष 2026 के कैलेंडर का भव्य विमोचन जिला कलेक्टर संजय कन्नौजे के करकमलों से हुआ। वहीं एएसपी निमिषा पांडे ने भी कैलेंडर का अनावरण कर पत्रकार सुरक्षा, सम्मान और संगठन को नई मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम का माहौल ऐसा था मानो पत्रकारों की एकता, चेतना और संघर्ष की शक्ति एक साथ मंच पर उमड़ पड़ी हो। हर चेहरा आत्मविश्वास की रोशनी से दमकता दिखा और हर कदम लोकतंत्र की मजबूती की ओर बढ़ता नजर आया।

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कैलेंडर नहीं, पत्रकारिता की आवाज़ का प्रतीक
इस कैलेंडर का विमोचन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पत्रकारों की हिम्मत, संघर्ष और मिशन को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक क्षण था। इसी कैलेंडर के माध्यम से आगामी 11 जनवरी को आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला और रात्रिकालीन कवि सम्मेलन की आधिकारिक घोषणा हुई, जो प्रदेश में पत्रकार संगठन की एकजुटता और ताकत का नया आयाम तय करने वाला है। समारोह में लगातार गूंजती तालियां, जोशीले नारे और गर्व की चमक यह साबित कर रही थी कि पत्रकार समाज की रीढ़ हैं—और यह रीढ़ कभी झुकने वाली नहीं।

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जिलाध्यक्ष नरेश चौहान—‘पत्रकार लोकतंत्र की सांस हैं’
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने अपने प्रखर उद्बोधन से पूरे माहौल में नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा—
“पत्रकार लोकतंत्र की सांस हैं। उनकी सुरक्षा किसी की कृपा नहीं, उनका अधिकार है। यह कैलेंडर पत्रकार सम्मान और स्वाभिमान की पताका है।”
उनकी प्रभावशाली आवाज़ ने सभा में मौजूद हर पत्रकार के भीतर नई चेतना और हिम्मत का संचार किया।

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देवराज दीपक—‘कलम तलवार से तेज़’
कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष देवराज दीपक ने मंच पर आते ही उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। उन्होंने जोरदार अंदाज में कहा—
“पत्रकार की कलम तलवार से भी धारदार होती है। यह अन्याय के खिलाफ चमकती है और सच की राह रोशन करती है।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि पत्रकार हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 11 जनवरी का कार्यक्रम पत्रकारिता की नई क्रांति का आरंभ होगा, जिसकी गूंज प्रदेश से लेकर देशभर में सुनाई देगी।

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जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया—पत्रकार समाज के मार्गदर्शक
डीईओ जे.आर. डहरिया ने पत्रकारिता को समाज की दिशा तय करने वाला असली मार्गदर्शन बताया। उन्होंने कहा—
“जब पत्रकार निर्भीक और सुरक्षित हों, तभी समाज सत्य के रास्ते पर आगे बढ़ता है।”
उन्होंने इस आयोजन को शानदार पहल बताते हुए समिति के प्रयासों को खूब सराहा।
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जिला कार्यकारी अध्यक्ष श्याम पटेल—एकता ही सबसे बड़ी शक्ति
मानो वातावरण में ऊर्जा की लहर दौड़ गई हो, जब श्याम पटेल ने कहा—
“पत्रकारों की एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब यह ताकत गरजती है, तो हर दमनकारी सोच की दीवारें ढह जाती हैं।”
उन्होंने कैलेंडर विमोचन को एकता, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए आने वाले कार्यक्रम को “इतिहास लिखने वाला आयोजन” घोषित किया।

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पत्रकारों की उपस्थिति—एक संदेश, एक संकल्प
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सैकड़ों पत्रकारों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ की पत्रकारिता न कभी रुकी है, न झुकी है—और न भविष्य में झुकेगी।
कार्यक्रम के दौरान जो उत्साह, जोश और भाईचारे की लहर उमड़ी, उसने यह साबित कर दिया कि आज की पत्रकारिता केवल खबरें नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प भी है।
यह विमोचन समारोह सिर्फ एक आयोजन नहीं था—
यह पत्रकारों के साहस, जज़्बे और सम्मान की ऐतिहासिक घोषणा थी।
आज कलम और कैमरा दोनों ने सत्ता को याद दिला दिया कि पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ हैं, और रीढ़ कभी झुकती नहीं।

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कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पत्रकार साथी
इस महत्वपूर्ण अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से—
नरेश चौहान, श्याम पटेल, देवराज दीपक, चंद्रकांत साहू, स्वर्ण भोई, पिंग्धवज खांडेकर, मिथुन यादव, समीप अनंत, गुलशन लहरे, युवराज निराला, सुधीर चौहान, उमेश कुर्रे, हीरासेन खरे, ललित यादव, जयनथिया साहू, चित्रसेन धृतलहरे, जगत साहू, टीकाराम सहिस, अजय साहू, हेमंत पटेल, रजनी जोल्हे, सक्रजीत सहिस, सुकदेव दुआन, जितेंद्र भारद्वाज, शंभू पटेल, तुलसीदास महंत, डोरीलाल चंद्रा, अनिल निषाद, देवचरण साहू, भूपेंद्र साहू, सतीश जोल्हे सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
