छत्तीसगढ़ मे 12वीं की छात्रा बनी एक दिन की SP,कुर्सी पर बैठते ही लिया प्रशासनिक फैसला, IG को भी लिखा पत्र

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छत्तीसगढ़ में 12वीं की छात्रा बनी एक दिन की SP, कुर्सी पर बैठते ही लिया प्रशासनिक फैसला, IG को भी लिखा पत्र

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ | 21 नवम्बर 2025
अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के मौके पर जांजगीर-चांपा जिले में एक अनोखी पहल देखने को मिली। सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल, बनारी की कक्षा 12वीं की छात्रा संतोषी धीवर को 15 मिनट के लिए जिले का पुलिस अधीक्षक (SP) बनाया गया। पुलिस विभाग द्वारा बच्चों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रा ने न केवल SP की कुर्सी संभाली, बल्कि कार्यभार संभालते ही महत्वपूर्ण आदेश भी जारी किए।




SP ऑफिस में छात्रा संतोषी का सम्मानपूर्वक स्वागत

जिले के एसपी विजय पांडेय, अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्कूल के शिक्षक कार्यक्रम में उपस्थित थे। संतोषी धीवर जब एसपी के कक्ष में पहुंचीं, तो अफसरों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से 15 मिनट के लिए कार्यवाहक SP का पदभार सौंपा गया।

कुर्सी संभालने के बाद संतोषी ने जिलें में स्कूल-कॉलेज के आसपास सुरक्षा एवं अनुशासन सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की। अधिकारियों ने भी उन्हें विभिन्न पुलिस प्रक्रियाओं की जानकारी दी।




पहला आदेश – स्कूलों के पास ठेला-गुमटी हटाकर 200 मीटर दूर शिफ्ट किए जाएं

कार्यभार संभालते ही संतोषी ने छात्राओं और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपना पहला प्रशासनिक आदेश जारी किया।

आदेश में कहा गया:
– जिले के सभी स्कूल और कॉलेज परिसरों के 200 मीटर दायरे में लगे ठेले, गुमटियां और मोबाइल दुकानें तुरंत हटाई जाएं।
– यह व्यवस्था सुरक्षा और यातायात नियंत्रण दोनों के लिए आवश्यक है।

उनके इस फैसले की वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी सराहना की।




दूसरा बड़ा कदम – IG बिलासपुर को लिखा आधिकारिक पत्र

SP की भूमिका निभाते हुए संतोषी ने जिला पुलिस लाइन एवं थानों में रखे जब्त वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया तेज करने के लिए बिलासपुर रेंज के IG को एक पत्र भेजा।
पत्र में लिखा था कि वर्षों से थानों एवं पुलिस लाइन परिसर में खड़े वाहन जगह घेरते हैं और कई वाहन कबाड़ बनने की कगार पर हैं, इसलिए उनकी समयबद्ध नीलामी कर राजस्व वृद्धि के साथ परिसर को सुव्यवस्थित किया जाए।

IG को भेजा गया यह पत्र देखकर कई अनुभवी पुलिस अफसर भी हैरान रह गए, क्योंकि इतने कम समय में उन्होंने व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए समाधान सुझाया।




स्कूल में उत्साह, शिक्षकों को भी गर्व

संतोषी के साथ कार्यक्रम में शामिल स्कूल के शिक्षक और स्टाफ भी बेहद उत्साहित नजर आए।
शिक्षकों ने कहा—

> “संतोषी हमारे स्कूल की होनहार छात्रा है। उसे SP की कुर्सी पर बैठते देखना हमारे लिए गर्व का क्षण था। यह पहल बच्चों में नेतृत्व और प्रशासनिक समझ विकसित करती है।”






पुलिस विभाग की सराहनीय पहल

जिले के SP विजय पांडेय ने कहा कि बच्चों को प्रशासनिक व्यवस्था से अवगत कराने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए यह कार्यक्रम आगे भी आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि—

> “हर बच्चे में नेतृत्व क्षमता होती है। ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपने भविष्य के बारे में सोचने का मौका देते हैं।”







अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर जांजगीर-चांपा में आयोजित यह अनूठा कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी मिला कि यदि बच्चों को अवसर दिया जाए तो वे नेतृत्व और जिम्मेदारी दोनों निभाने में सक्षम हैं। छात्रा संतोषी धीवर द्वारा SP की कुर्सी पर बैठकर लिए गए निर्णयों ने सभी को प्रभावित किया और उन्हें एक दिन का नहीं, बल्कि भविष्य का कुशल प्रशासक साबित किया।

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