
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रतनपुर पहुंचे, कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में हुए शामिल
रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल और 1 करोड़ की लागत से सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा
बिलासपुर, 9 नवम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रविवार को रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केन्द्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलने की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना और कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा एवं बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी उपस्थित रहीं।
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“कल्चुरी राजवंश ने देश में 1200 वर्षों तक शासन किया” – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देशभर में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध रहा। उन्होंने कहा, “मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ राज्य में तेजी से विकास हो रहा है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है और खनिज, वन एवं जल संसाधनों से संपन्न है। हम सबको साथ लेकर राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि राज्य में मोदी गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादे पूरे कर दिए गए हैं। किसानों से किए गए वादे के अनुसार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और यह अभियान 15 नवम्बर से पुनः शुरू होगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 21 किश्तें वितरित की जा चुकी हैं।

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नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समूल उन्मूलन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में राज्य सरकार तेजी से कार्य कर रही है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर क्षेत्र के 327 ग्रामों को विकास कार्यों के जरिए पुनः बसाया गया है।
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उद्योग एवं निवेश को मिला नया आयाम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिल रही है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें एआई (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना प्रारंभ हो चुकी है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट 2047” जारी किया है, जिसमें भविष्य के विकास के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से इस विजन को साकार करने में सहयोग की अपील की।
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“डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास” – स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। कल्चुरियों ने अपने शासनकाल में तालाब, सड़कों एवं सिंचाई कार्यों पर विशेष ध्यान दिया था, जिन कार्यों को वर्तमान सरकार प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा, “डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति पहले से कई गुना बढ़ गई है।”
उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है। सभी समाजों के ईष्ट देवों को समान सम्मान देना हमारी परंपरा रही है।”
कल्चुरी कलार समाज की ओर से मोहित जायसवाल ने अतिथियों का स्वागत भाषण दिया।
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मुख्यमंत्री ने महामाया मंदिर में किया दर्शन
महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने आरती कर राज्य की खुशहाली, समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की।

Anil Kumar Bhatt
Editor in Chief
